August 10, 2026

13 किमी पैदल चलने को मजबूर जैंतोली के ग्रामीण

बागेश्वर। कपकोट तहसील का जैंतोली गांव सबसे दूरस्थ है। जिला बनने के 24 साल बाद भी गांव सड़क मार्ग से नहीं जुड़ पाया। ग्रामीण आज भी 13 किमी पैदल चलने को मजबूर हैं। महिलाओं ने कहा कि विधानसभा 2022 के चुनाव से पहले यदि उनका गांव सड़क से नहीं जुड़ा तो वे चुनाव का बहिष्कार करेंगे। किसी भी राजनैतिक दलों के लोगों को गांव में घुसने तक नहीं देंगे। बंसती देवी ने बताया कि हर साल चुनाव से पहले उन्हें सड़क का सपना दिखाया जाता है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही उनका सपना टूट जाता है। सड़क के अभाव में मरीजों और प्रसव पीडि़ता को सड़क तक लाने में 13 किमी पैदल चलना पड़ता है। उनका गांव जिले का लगभग अंतिम गांव है। पहले से ही गांव पलायन की मार झेल रहा है। गांव में बुजुर्ग, बचे और महिलाएं ही हैं। सड़क नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है। इस बार ग्रामीणों ने तय किया है कि यदि उनके गांव को सड़क से नहीं जोड़ा गया तो वे चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। इस मौके पर हंसी देवी, प्रियंका दानू, कलावती देवी, घना देवी, दिनेश दानू तथा महिमन सिंह आदि मौजूद रहे। इधर विधायक बलवंत सिंह भौर्याल ने बताया कि उनकी सरकार हर गांव को जोडऩे का काम कर रही है। जैतोली जल्द सड़क मार्ग से जुड़ जाएगा।