January 30, 2026

कोरोना वायरस की दहशत में आया भारत, लॉकडाउन की बनी आशंका -पिछले 24 घंटे में रिकार्ड दो लाख के पार आए नए संक्रमित मरीज

नई दिल्ली ,। देश में बेकाबू हुई कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कहर ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कोरोना संक्रमण के चलते देशभर के हालात भयावह हो गए हैं। कोरोना संक्रमण के मामले और मौतों की संख्या में जारी वृद्धि डरावनी तस्वीर पेश कर रही है। एक दिन में मिलने वाले संक्रमण के मरीजों का आंकड़ा गुरुवार को सर्वाधिक रिकॉर्ड दो लाख के पार पहुंच गया है। देश में पिछले 24 घंटों में दो लाख से ज्यादा नए कोरोना मरीज मिले हैं और 1038 मरीजों की जान चली गई है। हालत बिगड़ती देख देश में लॉकडाउन लगने की आशंका जताई जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटों में 2,00,739 नए कोरोना मरीज मिले, इसी के साथ देश में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 1,40,74,564 पहुंच गए हैं। वहीं बीते 24 घंटों में 1,038 लोगों ने कोरोना की वजह से दम तोड़ दिया, इसी के साथ कोविड से मरने वालों की संख्या 1,73,123 हो गई। पिछले छह महीने में एक दिन में जान गंवाने वालों का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले, पिछले साल 17 अक्तूबर को सबसे ज्यादा 1,032 लोगों की मौत हुई थी। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को 1.85 लाख से ज्यादा नए मरीज मिले थे और 1027 लोगों की संक्रमण से जान चली गई। महामारी के दस्तक देने से लेकर अब तक एक दिन में मिले नए कोरोना मरीजों की यह सर्वाधिक संख्या है।
पौने पंद्रह लाख के नजदीक पंहुंचे सक्रिय मामले
स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में सक्रिय मामलों का ग्राफ बहुत तेजी से ऊपर पहुंच रहा है। पिछले 24 घंटों में 93,528 कोरोना मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए हैं, इसी के साथ देश में अब तक 1,24,29,564 मरीज कोरोना वायरस को मात देने में कामयाब हुए हैं। रोजाना के आधार पर दर्ज होने वाले नए कोरोना केसों की तुलना में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या करीब आधे से भी कम है। फिलहाल, देश में सक्रिय मामले बढ़कर 14,71,877 पहुंच गए हैं।
टीकाकरण: 11.44 करोड़ से ज्यादा को लगी वैक्सीन
देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान जारी है। कोविड टीकाकरण का तीसरा चरण चल रहा है, जिसके तहत 45 साल से ऊपर वालों को भी कोविड वैक्सीन लगाई जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के लिए 11 अप्रैल से 14 अप्रैल के बीच टीका उत्सव अभियान चलाया था। देश में अब तक 11,44,93,238 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है।
26.20 करोड़ की हुई कोरोना जांच
देश में कोरोना संक्रमण के मामले बढऩे के साथ ही कोरोना जांच में भी तेजी लाई गई है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक, देश में अब तक 26,20,03,415 नमूनों की कोरोना जांच की जा चुकी है। इनमें से 13,84,549  नमूनों की जांच गुरुवार को की गई है।
दिल्ली में यूके स्ट्रेन का बढ़ा प्रभाव
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शीर्ष सूत्रों का कहना है कि भारत के करीब दस राज्यों में डबल म्यूटेंट वाले कोरोना वायरस का असर देखने को मिला है। वहीं अगर दिल्ली की बात करें तो यहां ब्रिटेन वाले स्ट्रेन मिले हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सूत्रों का कहना है कि महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, गुजरात, कर्नाटक और मध्य प्रदेश उन राज्यों में शामिल हैं जहां डबल म्यूटेंट वाले वायरस पाए गए हैं। सूत्रों ने कहा है कि ये कोविड-19 मामलों में तेजी से वृद्धि में भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि मंत्रालय के सूत्रों ने यह भी कहा कि फिलहाल यह नहीं कहा जा सकता है कि मामलों में वृद्धि के लिए डबल म्यूटेंट 100 प्रतिशत जिम्मेदार हैं। सूत्रों ने कहा कि दिल्ली का वायरस के यूके वाले स्ट्रेन का मिश्रण है। पंजाब में कोरोना के 80 प्रतिशत मरीजों में में ब्रिटिश स्ट्रेन पाया गया। महाराष्ट्र में लगभग 60 प्रतिशत मामलों में डबल म्यूटेशन पाया गया है। हालांकि मुंबई में ऐसे केस सामने नहीं आए हैं।
क्या है डबल म्यूटेंट वायरस?
यह वायरस का वो रूप है, जिसके जीनोम में दो बार बदलाव हो चुका है। वैसे वायरस के जीनोमिक वेरिएंट में बदलाव होना आम बात है। दरअसल वायरस खुद को लंबे समय तक प्रभावी रखने के लिए लगातार अपनी जेनेटिक संरचना में बदलाव लाते रहते हैं ताकि उन्हें मारा न जा सके। डबल म्यूटेशन तब होता है जब वायरस के दो म्यूटेटेड स्ट्रेन मिलते हैं और तीसरा स्ट्रेन बनता है। भारत में रिपोर्ट की गई डबल म्यूटेंट वायरस ई484क्यु और एल452आर के मिलने के प्रभाव से बना है। एल452आर स्ट्रेन संयुक्त राज्य अमेरिका में कैलिफोर्निया में पाया जाता है और ई484क्यू स्ट्रेन स्वदेशी है।
शरीर में बढ़ जाता है वायरल लोड
कई बार म्यूटेशन के बाद वायरस पहले से कमजोर हो जाता है लेकिन कई बार म्यूटेशन की यह प्रक्रिया वायरस को काफी खतरनाक बना देती है। ऐसे में वायरस हमारे शरीर की किसी कोशिका पर हमला करते हैं तो कोशिका कुछ ही घंटों के अंदर वायरस की हजारों कॉपीज बना देती है। इससे शरीर में वायरस लोड तेजी से बढ़ता है और मरीज जल्दी ही बीमारी की गंभीर अवस्था में पहुंच जाता है।
दिल्ली में कोरोना के नए मामलों में महाराष्ट्र पीछे छूटा
दिल्ली में बुधवार को कोरोना वायरस के मामलों में भारी वृद्धि जारी रही और इस दौरान 17,000 से अधिक नए मामले सामने आए तथा 104 और मरीजों की मौत हुई, जबकि एक्टिव केस भी बढ़कर 50,000 के पार पहुंच गए। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार बुधवार को 17,282 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या 7,67,438 तक पहुंच गई है, जबकि 9,952 और मरीजों के स्वस्थ होने से कोरोना मुक्त लोगों की संख्या बढ़कर 7,05,162 हो गई। राजधानी में मरीजों के स्वस्थ होने की दर आज आंशिक रूप से घट कर 91.88 फीसदी पर आ गई। इस दौरान 104 और मरीजों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा 11,540 पर पहुंच गया। राजधानी में मृत्यु दर महज 1.50 फीसदी रह गई है। मृतकों के मामले में देशभर में दिल्ली चौथे स्थान पर है। राजधानी में पिछले 24 घंटों के दौरान 1,08,534 सैंपल्स की जांच की गई। इसके साथ ही अब तक हुई जांच संख्या बढ़कर 2.30 करोड़ के पार पहुंच गई है। प्रत्येक 10 लाख आबादी पर जांच का औसत 8,34,822 है। इस बीच राजधानी में कंटेनमेंट जोन की संख्या भी बढ़कर 7,598 पर पहुंच गई है।

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