रोहित शर्मा का टेस्ट कप्तान बनना लगभग तय, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद बीसीसीआई करेगा ऐलान
नई दिल्ली । रोहित शर्मा पहले ही टी20 और वनडे टीम इंडिया के कप्तान बन चुके हैं और अब ऐसा माना जा रहा है कि उन्हें टेस्ट टीम की भी कप्तानी सौंपी जा सकती है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारत की 1-2 से हार के बाद विराट कोहली ने टेस्ट कप्तानी छोडऩे का ऐलान कर दिया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) इसकी आधिकारिक घोषणा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद कर सकता है।
बीसीसीआई ने कहा, इसमें कोई भी शक नहीं है कि रोहित शर्मा को ही भारत का नया टेस्ट कप्तान बनाया जाएगा। रोहित शर्मा को दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले टेस्ट टीम का उप-कप्तान बनाया गया था, तो उन्हें कप्तान बनाना तय है। यह घोषणा जल्द ही कर दी जाएगी। रोहित पर बहुत ज्यादा वर्कलोड होगा, उनको खुद को बहुत ज्यादा फिट रखना होगा। मुझे लगता है कि सिलेक्टर्स ने उनसे बात की होगी। उन्हें अपनी फिटनेस पर एक्स्ट्रा मेहनत करनी होगी।
श्रीलंका के खिलाफ होम टेस्ट सीरीज रोहित शर्मा का फुल टाइम टेस्ट कप्तान के तौर पर पहला असाइनमेंट हो सकता है। वहीं बीसीसीआई केएल राहुल और ऋषभ पंत को फ्यूचर कप्तान के तौर पर तैयार करना चाहता है। अभी इसको लेकर फैसला नहीं लिया गया है कि इन दोनों में से किसे उप-कप्तान बनाया जाएगा। बीसीसीआई अधिकारी ने कहा, जो उप-कप्तान होगा, वह टीम इंडिया का फ्यूचर लीडर होगा, केएल राहुल, ऋषभ पंत और जसप्रीत बुमराह सभी फ्यूचर लीडर्स हैं।
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आईपीएल-2022 के मेगा ऑक्शन से पहले बढ़ी श्रेयस अय्यर की डिमांड
नई दिल्ली । आईपीएल-2018 के बीच में जब दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी गौतम गंभीर ने छोड़ी थी तो इस जिम्मेदारी को श्रेयस अय्यर ने निभाया था। अगले साल भी वे टीम के कप्तान थे और ने प्लेऑफ में जगह बनाई थी। यहां तक कि अगले साल 2020 के आईपीएल में दिल्ली की टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया था। इस बार भी टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर थे। हालांकि, 2021 के आईपीएल से पहले उनको चोट लग गई और वे टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
श्रेयस अय्यर आईपीएल से बाहर थे ऐसे में दिल्ली कैपिटल्स ने रिषभ पंत को कप्तानी की जिम्मेदारी दी। रिषभ पंत ने इसे अच्छी तरह निभाया। हालांकि, आधे सीजन के बाद टूर्नामेंट स्थगित हो गया और जब आईपीएल शुरू हुआ तो श्रेयस अय्यर दिल्ली कैपिटल्स के लिए उपलब्ध थे, लेकिन हैरान करने वाली बात ये रही कि श्रेयस अय्यर को कप्तानी नहीं दी गई। यहां तक कि रिषभ पंत की कप्तानी में दिल्ली की टीम पहला और दूसरा क्वालीफायर मैच हार गई।
ऐसे में श्रेयस अय्यर ने दिल्ली की टीम के साथ अपना नाता तोडऩा चाहा। यही कारण रहा कि दिल्ली कैपिटल्स ने पृथ्वी शॉ, अक्षर पटेल, रिषभ पंत और एनरिक नोर्खिया को रिटेन किया। हालांकि, अब श्रेयस अय्यर की डिमांड आईपीएल 2022 से पहले काफी बढ़ चुकी है। वे एक या दो नहीं, बल्कि तीन टीमों के निशाने पर हैं। इसके अलावा उनको अहमदाबाद या फिर लखनऊ की टीम भी ऑक्शन से पहले अपने साथ जोड़ सकती है।
मीडिया रिपोर्ट्स पर गौर करें श्रेयस अय्यर पर ऑक्शन में मोटी बोली लगने वाली है। श्रेयस अय्यर रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स के निशाने पर होंगे। अच्छी बात ये है कि श्रेयस जहां भी जाएंगे उनको कप्तानी मिलेगी ही, क्योंकि इन तीन टीमों के पास कप्तान नहीं है और श्रेयस अय्यर कप्तान का विकल्प मुहैया कराते हैं। यही कारण है कि श्रेयस अय्यर आईपीएल 2022 में काफी महंगे बिक सकते हैं।
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इंग्लैंड के इस खिलाड़ी का करियर हो सकता है खत्म, बल्लेबाजी में नहीं दिखा दम
नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की एशेज सीरीज में इंग्लैंड की टीम को 4-0 से करारी हार का सामना करना पड़ा है। इंग्लैंड की टीम इस ऐतिहासिक सीरीज में क्यों इतनी बुरी तरह हारी, इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह बल्लेबाजी रही है। इंग्लैंड का कोई भी बल्लेबाज एशेज सीरीज में सफल नहीं हो सका। यहां तक कि इंग्लैंड की तरफ से एकमात्र शतक दस पारियों में लगा, जब जॉनी बेयरेस्टो ने चौथे मैच में 113 रन की पारी खेली थी। इंग्लैंड की एक के बाद एक हार का सबसे बड़ा कारण टीम की ओपनिंग जोड़ी भी रही, जिसने हर मैच में निराश किया। यही कारण है कि अब इंग्लैंड की टीम के ओपनर बल्लेबाज रोरी बर्न्स का करियर खत्म हो सकता है। रोरी बर्न्स को इंग्लैंड की टीम में काफी मौके मिले हैं, लेकिन वे इन मौकों को भुनाने में सफल नहीं हो सके हैं। उनके अलावा जैक क्राउले और हसीब हमीद भी एशेज सीरीज में फ्लॉप साबित हुए हैं।
हालांकि, रोरी बर्न्स के करियर पर खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि वे इस समय 31 साल के हैं और अगर बार ड्रॉप किए जाते हैं तो उनके लिए वापसी करना मुश्किल होगा। जैक क्राउले और हसीब हमीद के आंकड़े भी शर्मनाक हैं, लेकिन उनकी उम्र अभी कम है और वे वापसी कर सकते हैं। हालांकि, रोरी बर्न्स के साथ ऐसा कुछ नहीं है। उनकी उम्र भी ज्यादा है और वापसी करने के लिए उनको कम से कम एक दो सीजन इंग्लैंड में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में खेलने होंगे।
रोरी बर्न्स ने अब तक नवंबर 2018 से 32 टेस्ट मैच खेले हैं। इनकी 59 पारियों में वे 1789 रन बना सके हैं। तीन शतक और 11 अर्धशतक उनके बल्ले से निकले हैं, लेकिन उनका औसत महज 30.32 का है। एशेज सीरीज के 3 मैचों की 6 पारियों में वे महज 77 रन बना पाए हैं। किसी भी टेस्ट टीम को सफल बनाने में सलामी बल्लेबाजों का हाथ होता है, लेकिन इंग्लैंड की टीम काफी समय से इस समस्या का सामना कर रही है।
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आयरलैंड की टीम ने रचा इतिहास, वेस्टइंडीज को उसी के घर में हराई वनडे सीरीज
नई दिल्ली । जिस टीम के पास कप्तान के रूप में किरोन पोलार्ड, ऑलराउंडर के रूप में जेसन होल्डर, बल्लेबाज के रूप में निकोलस पूरन, शाई होप और रोस्टन चेज जैसे खिलाड़ी हों। गेंदबाजी में भी टीम के पास अच्छे खिलाड़ी हों। अपनी परिस्थितियां हों, लेकिन फिर भी टीम को वनडे सीरीज में हार मिल जाए तो आप इसे शर्मनाक प्रदर्शन ही कहेंगे। ऐसा ही कुछ वेस्टइंडीज की टीम के साथ हुआ है और आयरलैंड ने इतिहास रच दिया है।
आयरलैंड की टीम ने वनडे सीरीज में मेजबान वेस्टइंडीज को हरा दिया। जमैका के सबीना पार्क में खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज को आयरलैंड ने 2-1 से अपने नाम किया है। इससे पहले आयरलैंड की टीम ने कभी भी वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज नहीं जीती थी। आयरलैंड के लिए ये किसी ऐतिहासिक पल से कम नहीं है कि उसने एक ऐसी टीम को हराया है, जो विश्व क्रिकेट में वर्चस्व रखती है। हालांकि, इन दिनों टीम इतनी अच्छी नहीं है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें, आयरलैंड की टीम ने वनडे सीरीज में पहली बार किसी ऐसी टीम को हराया है, जिसने दो बार आईसीसी विश्व कप जीता है। आयरलैंड की टीम कभी भी ऐसी टीम के खिलाफ इससे पहले वनडे सीरीज नहीं जीत पाई है। इस सीरीज में जीत की शुरुआत भले ही वेस्टइंडीज की टीम ने की थी, लेकिन जीत के साथ अंत आयरलैंड की टीम ने किया है। दूसरा मैच आयरलैंड ने 5 विकेट से और आखिरी मैच 2 विकेट से जीता है।
इस मैच की बात करें तो आयरलैंड की टीम ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी थी और वेस्टइंडीज की टीम को 212 रन पर ढेर कर दिया था। कैरेबियाई टीम के लिए 53 रन की पारी शाई होप और 44 रन की पारी जेसन होल्डर ने खेली थी। आयरिश टीम के लिए 4 विकेट एंडी मैकब्रिन और 3 विकेट क्रेग यंग ने चटकाए। वहीं, बल्लेबाजी में भी मैकब्रिन ने अपनी ताकत दिखाई और 59 रन की पारी खेली। 52 रन हैरी टेक्टर ने बनाए, जबकि 44 रन कप्तान पॉल स्ट्रलिंग ने बनाए। मैकब्रिन को प्लेयर ऑफ द मैच के साथ-साथ प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया। उन्होंने सीरीज में दस विकेट लिए और 128 रन बनाए।
भारत के खिलाफ वनडे सीरीज जीतना चाहती है साउथ अफ्रीका की टीम, कप्तान ने भरी हुंकार
नई दिल्ली । दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट टीम ने दुनिया की नंबर वन टेस्ट टीम भारत को टेस्ट सीरीज में हरा दिया। अब मेजबानों की निगाहें तीन मैचों की वनडे सीरीज जीतने पर हैं। साउथ अफ्रीका की सीमित ओवरों की टीम के कप्तान तेंबा बावुमा का मानना है कि भारत के खिलाफ तीन मैचों की आगामी एकदिवसीय सीरीज में जीत दर्ज करने से घरेलू टीम के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। भारतीय टीम ने पिछली बार 2018 में दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया था और छह मैचों की वनडे सीरीज में 5-1 से जीत दर्ज की थी। यह दक्षिण अफ्रीका में एकदिवसीय सीरीज में भारतीय टीम की पहली जीत थी। डेली मेवरिक के मुताबिक बावुमा ने कहा, हमें भारत के खिलाफ अगली वनडे सीरीज में चीजों को ठीक करना होगा। 2018 की सीरीज में जो हुआ मैं उससे बहुत चिंतित नहीं हूं। मैं अपनी खेल शैली को स्थापित करने और अपनी रणनीति को अच्छे प्रभाव से लागू करने के बारे में अधिक चिंतित हूं।
उन्होंने आगे कहा, भारत के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज जीत से हमें काफी आत्मविश्वास मिलेगा। इससे आने वाले मैचों के लिए टीम बेहतर लय हासिल कर सकेगी। बावुमा भारत के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में टीम का हिस्सा थे, जिसे दक्षिण अफ्रीका ने 2-1 से जीता। बावुमा ने कहा कि 2021 आइसीसी टी20 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के अभियान ने टीम के तरीके और नजरिये को बदलने में मदद की।
यूएई में हुए टी20 विश्व कप 2021 में पांच मैचों में चार जीत के बाद भी दक्षिण अफ्रीका की टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाई थी, क्योंकि टीम का नेट रन रेट बाकी टीमों को मुकाबले बेहतर नहीं था। उन्होंने कहा, दक्षिण अफ्रीका की सफेद गेंद वाली इस टीम के बारे में धारणाएं बदल रही हैं। पहले कहा जाता था कि हमारे पास स्पिन का मुकाबला करने की क्षमता नहीं है और हमने विदेशी परिस्थितियों में संघर्ष किया। मुझे ऐसा लगता है कि हमने टी20 विश्व कप में कई लोगों को गलत साबित किया है।
उनका कहना है कि एकदिवसीय टीम को संयुक्त अरब अमीरात में हुए विश्व कप के दौरान टी20 टीम के प्रदर्शन से सीख लेनी चाहिए। प्रोटियाज टीम के कप्तान ने कहा, हमारी टी20 टीम ने हाल के दिनों में जो हासिल किया है, उस पर ध्यान देना चाहिए। उस टीम ने नतीजों पर ज्यादा जोर नहीं दिया, बल्कि प्रक्रिया पर ध्यान दिया।
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रोहित शर्मा मैच फिटनेस के पहुंचे एकदम करीब
नई दिल्ली । भारत के लिमिटेड ओवरों के कप्तान रोहित शर्मा बाएं हैमस्ट्रिंग (मांसपेशियों में खिंचाव) की चोट से अच्छे तरीके से उबर रहे हैं और अगले महीने वेस्टइंडीज के खिलाफ छह मैचों की लिमिटेड ओवर सीरीज के दौरान उनके पास वापसी करने का शानदार मौका होगा। रोहित को दक्षिण अफ्रीका के दौरे से पहले टेस्ट टीम का उप-कप्तान बनाया गया था, लेकिन टीम की रवानगी से पहले प्रैक्टिस सेशन के दौरान उनके बाएं हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आया और उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। पूरी फिटनेस हासिल नहीं करने के कारण वह दक्षिण अफ्रीका में खेली जाने वाली वनडे सीरीज से भी बाहर हो गए। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के एक सूत्र ने कहा, नैशनल क्रिकेट एकैडमी में रोहित का रिहैबिलिटेशन काफी अच्छा चल रहा है। उनके वेस्टइंडीज सीरीज के लिए ठीक हो जाने की उम्मीद है। अहमदाबाद में 6 फरवरी को होने वाले पहले वनडे में अभी भी तीन सप्ताह का समय है। वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में तीन एकदिवसीय और इतने ही टी20 इंटरनेशनल मैच खेले जाएंगे। एक दिवसीय मैच 6 से 12 फरवरी तक खेले जाएंगे, जबकि टी20 इंटरनेशनल मैच 15 से 20 फरवरी तक खेले जाएंगे।
रोहित पिछले काफी समय से हैमस्ट्रिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। वह इसी कारण से 2020-21 ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लिमिटेड ओवर की सीरीज के बाद शुरुआती दो टेस्ट मैच की टीम से बाहर हो गए थे। बीसीसीआई की मौजूदा नीति के अनुसार, प्रत्येक खिलाड़ी को वापसी से पहले एनसीए में अनिवार्य रूप से फिटनेस टेस्ट कराकर फिट टू प्ले (खेलने के लिए फिट) का सर्टिफिकेट हासिल करना होता है। इस प्रक्रिया के बाद ही को खिलाड़ी की उपलब्धता के बारे में सूचित किया जाता है।
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लतीफ ने विराट के कप्तानी छोडऩे के फैसले पर गांगुली पर साधा निशाना, कहा- यह दो दिग्गजों की लड़ाई है
नई दिल्ली । विराट कोहली के भारत की टेस्ट टीम के कप्तान के रूप में पद छोडऩे के फैसले से कई लोगों को हैरानी हुई। रोहित के टी20 और वनडे कप्तान बनाए जाने और कोहली के टेस्ट कप्तान रहने के बाद ये कयास लगाए जा रहे थे कि इन फॉर्मेट के अलग-अलग कप्तान बनाने का चलन भारतीय क्रिकेट में लागू होने जा रहा है, लेकिन कोहली की घोषणा ने उन योजनाओं को रद्द कर दिया है। कप्तानी के फैसले को लेकर अटकलें शुरू होने से पहले ही बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने एक ट्वीट कर कहा कि ये फैसला पूरी तरह से कोहली का था, जिसका मतलब है कि बोर्ड का इससे कोई लेना-देना नहीं था। वहीं कोहली के आधिकारिक बयान के अनुसार ये साफ दिख रहा है कि उन्होंने बिना किसी दबाव के ऐसा किया। हालांकि, पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ की इस मामले में कुछ अलग राय है। पूर्व विकेटकीपर का मानना है कि गांगुली ने जो ट्वीट किया है उस पर कोहली ने जो कुछ भी कहा है, विराट के टेस्ट कप्तान के रूप में इस्तीफा देने का कारण बीसीसीआई प्रमुख के साथ उनका टकराव वजह बनी है।
राशिद लतीफ ने कॉट बिहाइंड पर एक वीडियो में कहा, ऐसा होने का असली कारण यह है कि आपका बोर्ड के साथ झगड़ा है। विराट चाहे कुछ भी कहें कि यह उनका फैसला है या सौरव गांगुली क्या ट्वीट करते हैं, यह दो दिग्गजों की लड़ाई है।
विराट ने जब दक्षिण अफ्रीका दौरे शुरू होने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस की, तो उन्होंने गांगुली के उस बयान का पूरी तरह खंडन कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि विराट से टी-20 की कप्तानी ना छोडऩे का अनुरोध किया गया था। कोहली ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए टीम चयन से 90 मिनट पहले उन्हें वनडे टीम की कप्तानी से हटाया गया और बीसीसीआई ने उन्हें कभी टी-20 टीम की कप्तानी छोडऩे पर पुनर्विचार करने को नहीं कहा, जैसा बोर्ड ने दावा किया है। कोहली के खुलासे के बाद उनके फैंस ने सोशल मीडिया पर सौरव गांगुली को जमकर निशाने पर लिया। कई फैंस ने सौरव गांगुली के बीसीसीआई के अध्यक्ष पद से इस्तीफे की मांग भी की।
उन्होंने कहा, कुछ लोग भावुक होते हैं। उन्हें पता है कि कोहली को कब और कैसे भडक़ाना है। जब उन्होंने घोषणा की कि वह विश्व कप के बाद ञ्ज20ढ्ढ में भारत की कप्तानी नहीं करेंगे, तो उन्हें ह्रष्ठढ्ढ कप्तान के रूप में भी हटा दिया गया था। आपने न केवल कोहली को परेशान किया है; आपने भारतीय क्रिकेट को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
33 वर्षीय खिलाड़ी ने दिसंबर 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली बार टेस्ट कप्तान के रूप में पदभार ग्रहण किया था। कोहली ने कप्तान के तौर पहली पारी में 115 रन बनाए थे। वह टेस्ट कप्तानी की शुरुआत में शतक बनाने वाले चौथे भारतीय बन गए। कप्तान के रूप में उनका आखिरी मैच केपटाउन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरा टेस्ट था, जिसे भारत ने 14 जनवरी को सात विकेट से गंवा दिया था।
