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October 28, 2026

आटा-चावल-नमक से लेकर खाद्य तेल तक के बढ़े भाव


नई दिल्ली । रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हुए करीब एक महीना होने को है। अब जहां पूरी दुनिया पर परमाणु युद्ध का खतरा मंडराने लगा है तो वहीं महंगाई की भठ्ठी में आम आदमी तप रहा है। इस युद्ध की वजह से कच्चे तेल के भाव आसमान छूने लगे, जिसका असर सभी प्रकार की वस्तुओं पर दिखने लगा है। पिछले एक महीने में भारतीय बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल आया है। खासकर खाद्य तेलों और जिंसों की कीमतों पर। उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 23 फरवरी को भारत में सूरजमुखी तेल (पैक) की औसत कीमत 151.08 रुपये प्रति किलो थी। अब 23 मार्च को सूरजमुखी तेल की कीमत 20.72 फीसद उछलकर 182.38 रुपये पर पहुंच गई। इसकी तरह 148.09 रुपये में एक किलो मिलने वाला सोया ऑयल 9.83 फीसद महंगा होकर 162.64 रुपये पर पहुंच गया। विदेशों से आने वाले पाम तेल एक महीने में 13.65 फीसद महंगा होकर 151.80 रुपये पर पहुंच गया है। वहीं, मूंगफली तेल में 5.30 और वनस्पति में 9.68 फीसद की वृद्धि हुई है। इन सबके विपरीत इस अवधि में सरसों के तेल में 0.19 फीसद की मामूली बढ़ोतरी हुई है। आम हो या खास। सबकी मूलभूत आवश्यकताओं में शामिल आटा, चावल और गेहूं के भाव भी रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद बढ़ गए हैं। यहां तक कि नमक भी 1.21 फीसद महंगा हो गया है। इस एक महीने में चावल के रेट में जहां औसतन 2.04 फीसद का इजाफा हुआ है, वहीं गेहूं का आटा 2.17 फीसद महंगा हुआ है। दालों में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है।

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