सीमेंट कंपनी के शेयर बेच निकल रहे निवेशक, एक्सपर्ट बोले-खरीद डालो
शेयर बाजार में हल्की तेजी के साथ कारोबार की हुई शुरुआत
मुंबई । शेयर बाजार ने मंगलवार को हल्की तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 18.95 अंकों की बढ़त के साथ 54,307.56 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 10.85 अंकों की बढ़त के साथ 16,225.55 अंक पर खुला।
हरे निशान के साथ खुले शेयर बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बढ़ोतरी देखी गयी। बीएसई का मिडकैप 87.29 अंक बढक़र 22,536.61 अंक पर और स्मॉलकैप 83.85 अंकों की तेजी के साथ 26,265.91 अंकों पर खुला।
बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सोमवार 37.78 अंक फिसलकर 54288.61 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 51.45 अंक टूटकर 16214.70 अंक पर आ गया था।
00
)अकासा एयर सेवा शुरू करने को तैयार
नयी दिल्ली । अरबपति निवेशक राकेश झुनझुनवाला की अकाशा एयर ने अपने पहले विमान के चित्र का अनावरण करते हुए संकेत दिया है कि कंपनी जल्द ही भारतीय विमानन सेवा क्षेत्र में अपना परिचालन शुरू करने जा रही है। यह बोइंग 737 श्रेणी का विमान है।
कंपनी ने एक तस्वीर के साथ ट्विटर पर लिखा,’अब सब्र नहीं रख सकते, हमारे क्यूपी-पाई का स्वागत कीजिए।’
अकासा एयरलाइन इस वर्ष के जुलाई में अपनी पहली वाणिज्यिक उड़ान शुरू करने की योजना बना रही है। इससे पहले कहा गया था कि एयरलाइन का कोड ‘क्यूपी’ होगा।
एसएनवी एविएशन के ब्रांड अकासा एयर ने नवंबर 2021 में करीब 9 अरब डॉलर में 72 बोइंग 737 मैक्स हवाईजहाजों की खरीद का ऑर्डर दिया था। वह एयरलाइन ने 737 मैक्स के दो मॉडलों- 737-8 और उच्च क्षमता वाले 737-8-200 विमान खरीदने वाली है।
विमानन क्षेत्र में अकासा एयर के आ जाने से घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है और उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिल सकता है।
वर्ष 2019 में परिचालन बंद करने वाली जेट एयरवेज इस वर्ष के सितंबर तक दोबारा उड़ानें शुरू करने के लिए तैयारी कर ली है। कंपनी ने विमानन नियामक महानिदेशालय (डीजीसीए) से उड़ान परमिट का नवीनीकरण करा लिया है।
दूसरे दिन भी गिरा शेयर बाजार
मुंबई । यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) के ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेत से विदेशी बाजारों में आई गिरावट के दबाव में स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा बिकवाली से आज शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन भी गिरकर बंद हुआ।
ईसीबी की अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड के ब्याज दरों में बढ़ोतरी किये जाने के संकेत से वैश्विक बाजार में गिरावट का रुख रहा। इस दौरान ब्रिटेन का एफटीएसई 0.34, जर्मनी का डैक्स 0.95, जापान का निक्केई 0.94, हांगकांग का हैंगसेंग 1.75 और चीन का शंघाई कंपोजिट 2.41 प्रतिशत लुढक़ गया। इसके दबाव में हुई बिकवाली से बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 236 अंक गिरकर 54052.61 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 89.55 अंक उतरकर 16125.15 अंक पर रहा।
दिग्गज कंपनियों के मुकाबले बीएसई की छोटी और मझौली कंपनियों में अधिक बिकवाली हुई। इससे मिडकैप 0.85 प्रतिशत कमजोर होकर 22,259.55 अंक और स्मॉलकैप 1.14 प्रतिशत लुढक़कर 25,883.85 अंक पर आ गया। इस दौरान बीएसई में कुल 3430 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 2267 में गिरावट जबकि 1039 में तेजी रही वहीं 124 के भाव स्थिर रहे। इसी तरह एनएसई में 32 कंपनियों में बिकवाली जबकि शेष 18 में लिवाली हुई।
इस दौरान बैंकिंग और वित्त समूह की 0.13 प्रतिशत की बढ़त को छोडक़ शेष 15 कंपनियों में बिकवाली का दबाव रहा वहीं ऑटो समूह के शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। बेसिक मैटेरियल्स 1.09, एफएमसीजी 1.38, हेल्थकेयर 1.35, आईटी 1.75, यूटिलिटीज 1.70, धातु 1.32, पावर 1.64, रियल्टी 1.14 और टेक समूह के शेयर 1.64 प्रतिशत लुढक़े।
0)गेहूं के बाद अब चीनी निर्यात पर प्रतिबंध की तैयारी
नई दिल्ली । केंद्र सरकार गेहूं की तरह चीनी के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है। घरेलू कीमतों में उछाल को रोकने के लिए सरकार करीब छह साल में पहली बार चीनी निर्यात को प्रतिबंधित कर सकती है। यह भी संभव है कि सरकार इस सीजन के निर्यात को 10 मिलियन टन पर सीमित कर दे।
सबसे बड़ा उत्पादक : आपको बता दें कि भारत विश्व का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक है। वहीं, ब्राजील के बाद दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है। भारत ने सितंबर को समाप्त होने वाले चालू विपणन वर्ष में 18 मई तक 75 लाख टन चीनी का निर्यात किया है। भारत से प्रमुख आयातक देश इंडोनेशिया, अफगानिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात, मलेशिया और अफ्रीकी देश हैं।
विपणन वर्ष 2017-18, 2018-19, 2019-20 में क्रमश: लगभग 6.2 लाख टन, 38 लाख टन और 59.60 लाख टन चीनी का निर्यात किया गया था। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र तथा कर्नाटक की देश में कुल चीनी उत्पादन में लगभग 80 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। देश के अन्य प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, बिहार, हरियाणा तथा पंजाब शामिल हैं।
00)सीमेंट कंपनी के शेयर बेच निकल रहे निवेशक, एक्सपर्ट बोले-खरीद डालो
नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का माहौल है। इस माहौल में निवेशक सीमेंट कंपनी रामको सीमेंट्स लिमिटेड के शेयर बेचकर निकल रहे हैं। बिकवाली का माहौल ऐसा है कि कारोबार के दौरान शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया। इस बिकवाली की वजह रामको सीमेंट्स के तिमाही नतीजे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट का कहना है कि यह शेयर जल्द ही तेजी से बढऩे वाला है।
क्या हैं तिमाही नतीजे : दरअसल, मार्च में समाप्त वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में रामको सीमेंट्स लिमिटेड का शुद्ध लाभ 45.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 118.27 करोड़ रुपये रह गया। वित्त वर्ष 2020-21 की इसी तिमाही में रामको सीमेंट्स ने 215.92 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। इस तिमाही में कंपनी की कुल आय 4.94 प्रतिशत बढक़र 1,722.68 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 1,641.53 करोड़ रुपये थी।
खर्च कितना रहा : वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 20.34 प्रतिशत बढक़र 1,559.77 करोड़ रुपये रहा, जबकि इससे एक साल पहले की समान अवधि में यह 1,296.05 करोड़ रुपये रहा था।
पूरे वित्त वर्ष का हाल : मार्च, 2022 को समाप्त पूरे वित्त वर्ष के लिए रामको सीमेंट्स का एकीकृत शुद्ध लाभ 12.44 प्रतिशत बढक़र 881.95 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने 784.33 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। वित्त वर्ष 2021-22 में कंपनी की कुल आय 13.34 प्रतिशत बढक़र 6,031.69 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 5,321.37 करोड़ रुपये रही थी।
क्या है कीमत : शेयर के भाव की बात करें तो 652 रुपये के निचले स्तर तक गया है। इस शेयर का उच्चतम स्तर 1,130 रुपये है, जो बीते साल जुलाई माह में था। मार्केट कैपिटल की बात करें तो 15,500 करोड़ रुपये से भी कम हो गया है।
