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October 20, 2026

टिहरी झील बनेगी पर्यटन हब, एडीबी ने किए 2100 करोड़ स्वीकृत


नई टिहरी। टिहरी बांध की झील को पर्यटन हब के तौर पर विकसित करने के 2100 करोड़ के प्रोजेक्ट को एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी)ने मंजूरी दे दी है। इस रकम से झील किनारे छह टूरिज्म क्लस्टर तैयार किए जाएंगे, जिससे झील के आसपास के गांव टूरिज्म हब में बदलेंगे। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद क्षेत्र में रोजगार के साथ ही स्वरोजगार के मौके विकसित होंगे। भारत सरकार पहले ही इस प्रोजेक्ट के लिए मंजूरी दे चुका है। गुरुवार को एडीबी की टीम ने भी इस प्रोजेक्ट का मूल्यांकन किया। पूरे प्रोजेक्ट को परखने के बाद एडीबी की ओर से भी मंजूरी दे दी गई है। इस प्रोजेक्ट से प्रत्यक्ष तौर पर चालीस हजार और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग दो लाख परिवार लाभान्वित होंगे। ग्रामीण क्षेत्र को आर्गेनिक होमस्टे के रूप में विकसित किया जाएगा। टिहरी में पर्यटन अवस्थापना एवं सुविधाओं के विकास के साथ-साथ झील के चारों ओर एक रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है।
इस प्रोजेक्ट के तहत छह टूरिज्म क्लस्टर विकसित होंगे। इनमें नई टिहरी, डोबरा चांठी, तिवाड़ गांव, कोटी कॉलोनी, मदन नेगी, टिहरी झील शामिल होंगे। इन सभी क्लस्टर में आसपास के गांवों को भी शामिल किया जाएगा। हर क्लस्टर की एक थीम होगी। ऑर्गेनिक, हिस्ट्री, एडवेंचर, लग्जरी थीम के तहत इन क्लस्टर पर काम होगा। इसके जरिए नए टूरिज्म हब विकसित किए जाएंगे।
ये होंगे काम:  झील में चार स्थानों पर वॉटर स्पोर्ट्स केंद्र, टैंट कॉलोनी, कोटी कॉलोनी से डोबरा-चांठी तक पर्यटन रोड, होम स्टे कलस्टर, डोबरा चांठी पार्क, मल्टी लेवल कार पार्किंग, मनोरंजन कॉम्प्लेक्स, एक्वैटिक कॉम्पलेक्स, थ्री स्टार बुटीक होटल, स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर, बायो डायवर्सिटी पार्क, योग एवं पंचकर्म केन्द्र, रोपवे निर्माण, वृक्षारोपण और लाइट एवं साउंड लेजर शो आदि कार्य प्रस्तावित हैं।
एडीबी की ओर से टिहरी झील के आसपास के क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को विकसित करने 2100 करोड़ का प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है। जल्द इस प्रोजेक्ट के तहत हर क्लस्टर की डीपीआर तैयार होगी। इस प्रोजेक्ट के जरिए टिहरी झील एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। -सचिन कुर्वे, सचिव पर्यटन

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