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November 8, 2026

3700 किलो विस्फोटक से आज ध्वस्त हो जाएगा ट्विन टावर


नई दिल्ली । सुपरटेक ट्विन टावर को गिराने की तैयारी पूरी हो गई है। कल यानी रविवार (28 अगस्त) को ट्विन टावर को घ्वस्त कर दिया जाएगा। इस विध्वंस से सुपरटेक को लगभग 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। वहीं इमारत को गिराने के लिए करीब 20 करोड़ रुपये की खर्च आ रही है।
नोएडा के सेक्टर-93ए में ट्विन टावर स्थित 1. नोएडा के सेक्टर-93ए में ट्विन टावर स्थित है। एक इमारत की ऊंचाई 103 मीटर तो वहीं दूसरी की लगभग 97 मीटर है। हरियाणा के पलवल से लाए गए करीब 3700 किलो विस्फोटक का विध्वंस के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। यह डायनामाइट, इमल्शन और प्लास्टिक विस्फोटकों का मिश्रण है। 2. नोएडा में सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट हाउसिंग सोसाइटी में दो टावर स्थित है। इसको 2004 में बनाने का प्रस्ताव था। नोएडा प्राधिकरण ने 48263 वर्ग मीटर की भूमि का एक भूखंड आवंटित किया, जो कि प्लॉट नंबर 4 का एक हिस्सा था।
पहले 14 टावरों का निर्माण हुआ था शुरू 3. नोएडा प्राधिकरण ने 2005 में एमराल्ड कोर्ट के निर्माण के लिए भवन योजना को मंजूरी दी। जिसमें 14 टावर शामिल हैं। प्रत्येक में ग्राउंड और 9 मंजिल है। इन 14 टावरों का निर्माण शुरू हो गया है। 4. जून 2006 में कंपनी को आवंटित कुल लीज क्षेत्र बढक़र 54,819.51 वर्ग मीटर हो गया। नियमों के तहत 2006 के बाद नए आवंटियों के लिए फ्लोर एरिया रेशियो को भी 1.5 से बढ़ाकर 2 कर दिया गया था।
दो टावर को और बढ़ाया गया 5. दिसंबर 2006 में नोएडा ने एनबीआर 2006 के तहत एमराल्ड कोर्ट के लिए पहली संशोधित योजना को मंजूरी दी। जिसके द्वारा दो अतिरिक्त मंजिलें जोड़ी गईं। जिससे उन सभी को ग्राउंड और 11 मंजिलों (जी+11) में लाया गया। इसके अलावा अतिरिक्त इमारत टॉवर 15, टॉवर 16 और एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को भी मंजूरी दी गई।
2021 में गिराने का दिया था आदेश 6. नोएडा प्राधिकरण ने 2012 में नई योजना की समीक्षा की, जिसमें ट्विन टावरों की ऊंचाई 40 मंजिलों पर तय की गई थी। 7. सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2021 में ट्विन टावर को गिराने का आदेश दिया। निर्माण में कई नियनों का उल्लंघन किया था। अदालत के अनुसार, यूपी अपार्टमेंट अधिनियम के तहत आवश्यक व्यक्तिगत फ्लैट मालिकों की सहमति के बिना इमारतों को अवैध रूप से बनाया गया था।
प्राधिकरण और सुपरटेक की मिलीभगत 8. शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि सुपरटेक और नोएडा प्राधिकरण मिलीभगत में शामिल है। इसके बाद इसने सुपरटेक को नोएडा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में अपने खर्च पर इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश दिया।
28 अगस्त को होगा ध्वस्त 9. अदालत ने प्राधिकरण को अपने खर्च पर 4 महीने के भीतर इमारतों को ध्वस्त करने का निर्देश दिया था। होमबॉयर्स की कई याचिकाओं के बाद सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला आया है। 10. इमारतों को मई में ध्वस्त किया जाना था, जिसे बाद में 21 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 28 अगस्त की तारीख तय कर दी।

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