August 30, 2026

लोब के जवान की इलाज के दौरान मौत


बागेश्वर। काफलीगैर तहसील के लोब निवासी बीएसएफ के जवान की इलाज के दौरान मौत हो गई। वह त्रिपुरा के बेलाबाड़ी में तैनात थे। सरयू-गोमती संगम पर सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई। उपजिलाधिकारी ने पुष्पच्रक अर्पित किया। बीएसएफ और जनप्रतिनिधि अंतिम संस्कार में शामिल हुए। त्रिपुरा के बेलाबाड़ी में तैनात और सुतरगांव, लोब निवासी भुवन प्रसाद, 47 वर्ष बीमार चल रहे थे। उनका सेना के अस्पताल में उपचार चल रहा था। 17 दिसंबर को उनका निधन हो गया। मंगलवार को उनके पार्थिव शरीर को बीएसएफ के उपनिरीक्षक दिगंगबर सिंह रावत के नेतृत्व सेना की टुकड़ी सेना के विशेष वाहन से उनके पैतृक गांव लाए। परिजनों और ग्रामीणों ने अंतिम दर्शन किए। वहां से भारत माता की जय घोष के साथ शवयात्रा प्रारंभ हुई। सरयू-गोमती संगम पर सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई। बीएसएफ कमांडर निर्दोष कुमार यादव की टुकड़ी ने जवान को अंतिम सलामी दी। उनकी चिता को उनके पुत्र अशोक कुमार ने मुखाग्नि दी। वह अपने पीछे सेवानिवृत्त शिक्षक पिता पदी राम, माता बसुली देवी, पत्नी उमा देवी को रोता-बिलखता छोड़ गए। उपजिलाधिकारी हरगिरी ने जवान को पुष्प च्रक अर्पित किया। उन्होंने बताया कि जवान 19 बटालियन में सिपाही के पद पर तैनात थे। इस दौरान सीओ अंकित कंडारी, कोतवाल कैलाश सिंह नेगी, इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह रावत, सज्जन लाल टम्टा, ओम प्रकाश टम्टा, संतोष कुमार, प्रेम बल्लभ, चंद्रशेखर, पूरन चंद्र, सोहन, बीएसएफ के एसआइ डीएस रावत आदि उपस्थित थे।