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October 19, 2026

हत्यारोपी दोस्त को आजीवन कारावास


रुद्रपुर। 27 दिसंबर 2018 को सिडकुल की एक कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर तैनात रहे युवक की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं 10 हजार का अर्थदंड लगाया है। हत्या करने वाला सुपरवाइजर का दोस्त है। जन्मदिन की पार्टी से लौटते वक्त हुए विवाद में उसने सुपरवाइजर की हत्या कर दी थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मी नारायण पटवा ने बताया कि ग्राम रतनपुरी जिला मुजफ्फरनगर निवासी सोनू सोम पुत्र वीर सिंह ने ट्रांजिट कैम्प थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसका भाई रोहित कुमार सिडकुल स्थित ललित इन्टरप्राइजेज इण्डोरेनस कम्पनी में सुपरवाइज़र था। वह अपने दोस्त सत्येन्द्र सिंह पुत्र रामपाल सिंह निवासी लम्बाखेडा थाना टांडा बादली जिला रामपुर के साथ ट्रांजिट कैम्प में रहता था। 27 दिसंबर 2018 की शाम दोनों ज्येष्ठा कॉलोनी में अपने दोस्त महेश के पुत्र की जन्मदिन की पार्टी में गए थे। वहां से लौटते समय दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इस पर आक्रोशित सत्येन्द्र ने रोहित की निर्मम हत्या कर पत्थर से उसका सिर और चेहरा बुरी तरह से कुचल दिया। अगले ही दिन पुलिस ने सत्येन्द्र को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी ने उस समय भी वही कपड़े पहने हुए थे, जो हत्या करते समय पहने था। फॉरेंसिक जांच में उसके कपड़ों पर लगा खून मृतक के खून से मैच हो गया। साथ ही डीएनए भी मैच हो गया। आरोपी के विरुद्ध ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेम सिंह खिमाल के न्यायालय में मुकदमा चला। इसमें ज़िला शासकीय अधिवक्ता नन्दन सिंह धामी ने 12 गवाह पेश कर आरोप सिद्ध कर दिया। गुरुवार को ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेम सिंह खिमाल ने सत्येन्द्र सिंह को हत्या का आरोपी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास और 10 हज़ार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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