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October 27, 2026

गौतम अडानी का बड़ा फैसला, रद्द किया 20000 करोड़ का एफपीओ, निवेशकों का पैसा करेंगे वापिस


नई दिल्ली । अडानी समूह ने अपने एफपीओ को लेकर बड़ा फैसला किया है। अडानी एंटरप्राइजेज ने कहा कि वो 20 हजार करोड़ रुपये के एफपीओ को रद्द कर रहे है। वहीं निवेशकों को पैसा लौटाने की बात भी कही है। अब इस एलान को लेकर गौतम अदाणी खुद वीडियो संदेश में दिखाई दिए हैं। गौतम अदाणी ने अपने बयान में कहा है कि पूरी तरह से सब्सक्राइब्ड एफपीओ के बाद कल इसे वापस लेने के फैसले ने कई लोगों को चौंका दिया होगा। लेकिन कल देखे गए बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए बोर्ड ने दृढ़ता से महसूस किया कि एफपीओ के साथ आगे बढऩा नैतिक रूप से सही नहीं होगा।
उन्होंने आगे कहा, उद्यमी के रूप में 4 दशकों से अधिक की मेरी विनम्र यात्रा में मुझे सभी हितधारकों विशेष रूप से निवेशक समुदाय से भारी समर्थन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है। मेरे लिए यह स्वीकार करना महत्वपूर्ण है कि मैंने जीवन में जो कुछ भी थोड़ा बहुत हासिल किया है, वह उनके विश्वास और भरोसे के कारण है। मैं अपनी सारी सफलता का श्रेय उन्हीं को देता हूं।
गौतम अदाणी ने कहा, मेरे लिए मेरे निवेशकों का हित सर्वोपरि है और सब कुछ गौण है। इसलिए निवेशकों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए हमने एफपीओ वापस ले लिया है। इस निर्णय का हमारे मौजूदा परिचालनों और भविष्य की योजनाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हम परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन और डिलीवरी पर ध्यान देना जारी रखेंगे।
हमारी कंपनी के फंडामेंटल मजबूत हैं। हमारी बैलेंस शीट मजबूत है और संपत्ति मजबूत है। हमारा एबिट्डा स्तर और नकदी प्रवाह बहुत मजबूत रहा है और हमारे पास अपने ऋण दायित्वों को पूरा करने का एक त्रुटिहीन ट्रैक रिकॉर्ड है। हम दीर्घकालिक मूल्य निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेंगे और विकास आंतरिक संसाधनों द्वारा प्रबंधित किया जाएगा। बाजार में स्थिरता आने के बाद हम अपनी पूंजी बाजार रणनीति की समीक्षा करेंगे।
उन्होंने आगे कहा, हमारा ईएसजी पर खासा फोकस है और हमारा हर बिजनेस जिम्मेदार तरीके से वैल्यू क्रिएट करता रहेगा। हमारे शासन के सिद्धांतों का सबसे मजबूत सत्यापन, कई अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों से आता है, जिन्हें हमने अपनी विभिन्न संस्थाओं में बनाया है। उन्होंने कहा, मैं इस अवसर पर एफपीओ को बेधडक़ समर्थन देने के लिए देश के भीतर और बाहर के हमारे निवेश बैंकरों, संस्थागत निवेशकों और शेयरधारकों को धन्यवाद देता हूं। पिछले सप्ताह स्टॉक में उतार-चढ़ाव के बावजूद, कंपनी, इसके व्यवसाय और इसके प्रबंधन में आपका विश्वास और विश्वास हम सभी के लिए बेहद आश्वस्त और विनम्र रहा है। हमें पूरा विश्वास है कि भविष्य में भी हमें सहयोग मिलता रहेगा।
गौर हो कि जिस एफपीओ को अदाणी की तरफ से वापस लिया गया है कि उसे मंगलवार तक पूरी तरह सब्सक्राइब कर लिया गया था। इसके बावजूद इसे वापस लेने और निवेशकों को पैसा लौटाने की एक वजह हिंडनबर्ग की वह रिपोर्ट मानी जा रही है, जिसकी वजह से अदाणी ग्रुप की कई कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, अदाणी एंटरप्राइजेज के एफपीओ के तहत 4.55 करोड़ शेयरों की पेशकश की गई थी, जबकि इसपर 4.62 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन मिले थे। यानी पेशकश से 1.12 फीसदी ज्यादा आवेदन। गैर संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित 96.16 लाख शेयरों पर करीब तीन गुना बोलियां मिली थीं। वहीं पात्र संस्थागत खरीदारों के खंड के 1.28 करोड़ शेयरों पर पूर्ण अभिदान मिला था। हालांकि, एफपीओ को लेकर खुदरा निवेशकों और कंपनी के कर्मचारियों की प्रतिक्रिया ठंडी रही थी।
‘हिंडनबर्ग रिसर्च’ की पिछले हफ्ते आई रिपोर्ट के बाद अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में लगातार गिरावट आ रही है। गिरावट का यह सिलसिला बजट पेश होने के दिन भी जारी रहा। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में समूहों की कंपनियों का सामूहिक बाजार पूंजीकरण सात लाख करोड़ रुपये घट गया है।

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