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October 20, 2026

शर्म करो सरकार : छह बार सर्वे के बाद भी टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्मााण अधर में


बागेश्वर। ब्रिटिशकाल से प्रस्तावित टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग का निर्मााण कार्य आज भी शुरू नहीं हो सका है। मार्ग का निर्माण शुरू नहीं होने से टनकपुर-बागेश्वर रेल निर्माण संघर्ष समिति ने कड़ी आपत्ति जताई है। यहां अपनी मांग के समर्थन में प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि 2006 से अब तक छह बार मार्ग का सर्वे हो चुका है, लेकिन बजट अभी तक नहीं मिला है। समिति अध्यक्ष नीमा दफौटी के नेतृत्व में लोग रविवार को तहसील परिसर में एकत्रित हुए। यहां नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि गत वर्ष विधानसभा चुनाव के प्रचार में हल्द्वानी आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण की सहमति दी थी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रधानमंत्री व रेल मंत्री ने 29 करोड़ की धनराशि ब्रॉडगेज सर्वे के लिए स्वीकृत किया था। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए रेल मार्ग निर्माण के लिए धनराशि का प्राविधान नहीं होने से उत्तराखंड की जनता निराश है। रेल मार्ग बनने से चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर तथा अल्मोड़ा के गांवों को लाभ पहुंचेगा। संचालन केशवानंद जोशी ने किया। इस मौके पर हयात सिंह मेहता, मालती पांडे, सुनीता टम्टा, गीता रावल, रतन सिंह शाही, भावना रावत, इंद्रिरा जोशी, सरस्वती गैलाकोटी, पार्वती पांडे, हितेश खेतवाल, विक्रम द्याराकोटी, मनोज कुमार आदि मौज्ूदरहे।

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