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November 4, 2026

बागेश्वर में दो आवासीय मकान बारिश के चलते क्षतिग्रस्त


बागेश्वर। जिले में रविवार रात से सुबह तक झमाझम बारिश हुई। बारिश दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए और आकाशीय बिजली गिरने से एक भैंस की मौत हो गई। पांच सड़कों पर यातायात प्रभावित है। इधर, दिन में चटक धूप से शहर में उमस भरी गर्मी रही। वहीं नदियों में सिल्ट आने से शहर में पेयजल संकट बना हुआ है। हिमालयी गांवों में लगातार बारिश और आकाशीय बिजली से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। गोगिना निवासी गुमान राम पुत्र कुशी राम के आंगन में आकाशीय बिजली गिरी। हादसे में उनकी दुधारू भैंस मर गई। वहीं परिवार बाल-बाल बचा। अतिवृष्टि से गडेरा निवासी गोविंद राम पुत्र धनी राम, पौसारी गांव के रमेश चंद्र पुत्र कीर्ति आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। सरयू नदी में भारी मात्रा में सिल्ट आने से पेयजल आपूर्ति चरमरा गई है। हिमालयी गांवों में बिजली, पानी, संचार आदि सुविधाएं भी प्रभावित होने लगी हैं।
इधर, बागेश्वर-गिरेछीना मोटर रोड किमी पांच दूरी पर, काफलीकमेड़ा चार किमी दूर, सूपी-झूनी तीन और छह किमी पर, हरसीला-पुड़कुनी 11किमी, तोली दो किमी पर बाधित होने से यातायात प्रभावित रहा। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया दो दिन से बंद बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग यातायात के लिए खोल दिया गया है। अन्य सड़को को खोलने का काम जारी है।
सकन्यूड़ा आपदा प्रभावितों की नहीं सुन रहा शासन-प्रशासन
बागेश्वर। कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि कांडा तहसील के सक्यूड़ा के लोगों के मकान आपदा की भेंट चढ़ गए हैं। एक का मकान सात जुलाई, दूसरा 15 जुलाई को क्षतिग्रस्त हुआ। इतने दिन बाद भी प्रशासन व शासन ने उनकी सुध तक नहीं ली। पंचायतघर में रहकर वह रात बिता रहे हैं। उन्हें अभी तक एक रुपये की सहायता राशि नहीं दी गई है। जबकि सीएम धामी ऑल इज वेल की बात कर रहे हैं। यदि सब ठीक है तो सकन्यूडुा के प्रभावितों की अनसुनी क्यों हो रही है।

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