नाबार्ड के कर्ज के इस्तेमाल की सुस्त रफ्तार पर मुख्य सचिव नाराज
देहरादून । राज्य के विकास के लिए नाबार्ड से मिलने वाले सस्ते कर्ज का सरकारी विभाग में उपयोग नहीं कर पा रहे। शुक्रवार को मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने नाराजगी जाहिर की। सभी विभागों को कड़ी नसीहत की। सचिवालय में नाबार्ड के ऋण लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि स्वीकृत प्रस्तावों के सापेक्ष विभागों के वितरण की प्रगति संतोषजक नहीं है। मालूम हो कि नाबार्ड से लिए जाने वाले 1090 करोड़ के ऋण के लक्ष्य के सापेक्ष विभागों ने 907.93 करोड़ के प्रस्ताव नाबार्ड को भेज दिए हैं। नाबार्ड ने 501.20 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति दे दी है। शेष प्रस्तावों अब अभी परीक्षण के स्तर पर है। 900 करोड़ के डिस्बर्शमेंट के लक्ष्य के मुकाबले विभागों ने अब तक केवल 273.82 करोड़ रुपये का ही उपयोग किया है। मुख्य सचिव ने सभी विभागों के सचिवों एवं विभागाध्यक्षों को ऋण वितरण एवं अदायगियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने साप्ताहिक स्तर पर समीक्षा करने को कहा। बैठक में वित्त सचिव दिलीप जावलकर, सहकारिता सचिव डॉ. बीवीआरसी पुरूषोत्तम, कृषि सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, वित्त सचिव एसएन पाण्डेय, अपर सचिव सी. रविशंकर, विनीत कुमार आदि मौजूद रहे।
