सांभर व कार की टक्कर में महिला घायल,सांभर की टांग हुई फैक्चर
हरिद्वार ( आखरीआंख समाचार ) भेल मध्य मार्ग पर दोपहर एक सांभर व कार की टक्कर में एक वृद्ध महिला घायल हो गई। भेल मध्य मार्ग पर जंगली जानवरों की चहल कदमी आम बात हो गई है। हरिद्वार राजा जी टाइगर रिजर्व पार्क व वन विभाग से सटे भेल कारखाना व भेल कर्मचारियों की आवासीय सेक्टर क्षेत्र के बीच उगी ऊँची ऊँची झाड़ियां जंगली जानवरों के लिए वर्षों से मुफीद शरणस्थली बनी हुई है।वही जंगली हाथी 3 लोगो को अपना शिकार बना चुके हैं, दिन हो या रात सूचनाएं आती रहती है कि जंगली हाथी व गुलदार की चहल कदमी भेल क्षेत्र में देखी गई है।
भेल कर्मी सावधान रहें, सोचिये भेल प्रशासन ,जिला प्रशासन की जिम्मेदारी बस इतनी ही है। जहां तक बात जिला प्रशासन की है उसके अधिकारी तो भरसक प्रयास हमेशा करते ही है। अभी कुछ दिन पूर्व वन विभाग, राजा जी पार्क के उच्च अधिकारियों द्वारा भेल क्षेत्र में जंगली जानवरों के आने के मुख्य मार्गो की जांच की गई थी व भेल प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के लिए आगाह भी किया गया था। भेल प्रशासन की जबाब देही क्यो तय नही होती ,क्या कारण है कि भेल प्रशासन ने अपने कारखाने ओर आवसीय परिसरों के समीप खाली जमीन पर घना जंगल क्यो विकसित किया हुआ है। वही परिसर जंगली जानवरों की शरण स्थीली बनी रहती है । भेल के आला अधिकारी इस सत्य से क्यो आँखे चुरा लेते हैं भेल की कार्ययत यूनियन अपने हितों के लिए तो रोज सड़को पर उतर आती है लेकिन सुरक्षा की दृष्टि पर मौन है ।आखिर क्या कारण है भेल श्रमिक नेता राजवीर चैहान का कहना है कि भेल क्षेत्र में विकसित झाड़ियों को हटाने के लिए अति शीघ्र एक प्रस्ताव भेल प्रशासन को देंगे ।जबाब देही तय होनी चाहिये ।सार्थक प्रयास जो भी संभव हो ,उनको धरातल पर उतरना ही चाहिये। भौगोलिक परिस्थिति को तो बदला नही जा सकता पर आम इंसान की सुरक्षा के लिए मूलभूत प्रयास तो हो ही सकता है। भेल प्रबंधिका एक तरफ जहां बहुत बड़ी धनराशि जनहित के कार्यों में खर्च करती है, वही दूसरी और जंगली जानवरों से अपने कर्मचारियों व आम जन के जीवन की सुरक्षा के प्रति उदासीनता दिखा रही है। वही वन विभाग के रेंजर दिनेश नौडियाल का कहना है कि सांभर को कार वाले ने टक्कर मारी थी जिसके कारण उसके पैर में फैक्चर था,जिसे चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेज गया गया है।उनका कहना है कि सांभर कभी किसी को नुकसान नही पहुचा सकता। वही उन्होंने कहा कि जंगली जानवर रिहायसी इलाको में ना आये। इसके लिए भेल प्रशासन व वन विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र व्यवहार किया गया है। जैसे ही परिमिशन मिलेगी टिबड़ी से लेकर रानीपुर राजाजी टाइगर पार्क के गेट तक और उससे आगे रोशनाबाद क्षेत्र में लेमन ग्रास लगाने का कार्य किया जाएगा। जिससे जंगली जानवरों का रिहायसी इलाको में आना बंद हो जाएगा
