कभी हमे रोजगार भी देती थी हमारी नदियां
बागेश्वर गरुड़ । आज हितैषी संस्था के तत्वावधान में राजकीय इंटर कॉलेज बनतोली में सामाजिक संस्था के 10 दिवसीय नदी बचाओ जीवन बचाओ अभियान में कालेज के छात्र छात्राओं ने पर्यावरण से सम्बंधित अनेक नारे लगाकर अपनी उपस्थिति दर्ज की ।
आज सुबह की प्रार्थना सभा मे संस्था के सचिव डॉ किसन राणा ने विद्यार्थियों को जल, जंगल व जमीन की मानव जाति पर पड़ रहे वर्तमान प्रभाव से अवगत कराते हुए कहा कि हमारी बदलती जीवन शैली ने आज हमें कटघरे में खड़ा कर दिया है।
जिसकी बदौलत आज हम प्रकृति के विपरीत आचरण करते नजर आ रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता अर्जुन राणा ने नदियों के घटते जलस्तर पर गहन चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज से करीब 35 वर्षों पूर्व हमारी नदियों में इतना जलप्रवाह था कि इनमें लकड़ी के 18 फीट लंबी बल्लियों को यहाँ से बहाते हुए टनकपुर व बरेली तक ले जाया जाता था । और यहाँ की नदियां लोगो को एक बड़ा रोजगार भी मुहैया कराती थी।जो कि उस वक्त आर्थिकी को मजबूत करती थी ।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज इन्ही नदियों में मात्र 6 या 8 इंच पानी शेष रह गया हैं। जो कि आगामी समय के लिए एक गम्भीर चेतावनी हैं।
इसलिए हमें येनकेन प्रकारेण अपनी सदानीरा नदियों को बचाये रखना होगा। और यह कार्य बिना जनजागरूकता के सफल नही हो सकता हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे चौड़ी पत्तेदार जंगल अब नजर नही आ रहे है जो कि हमारे पानी का मुख्य स्रोत थे। इसका खामियाजा हमे न केवल पेयजल वरन हमारी खेती को भी भुगतना पड़ेगा।
सभा को प्रधानाचार्य प्रणव नाथ गोस्वामी, हरीश पांडे, नवीन जोशी, अनिल पांडे, आराधना गढ़िया, नीलम भाकुनी आदि ने सम्बोधित किया ।
