सरकारी नौकरी में एससीएसटी का नहीं दिया जा रहा ध्यान
बागेश्वर । एससीएसटी शिक्षक एसोसिएशन की वर्चुअल बैठक में विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती को लेकर चर्चा हुई। साथ ही जारी विज्ञापनों में एससीएसटी, ओबीसी वर्ग को संविधान से निर्धारित पर्याप्त पद नहीं देने पर चिंता जताई। इसमें 13 जिलों के जिला अध्यक्ष मंत्री और कार्यकारिणी के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार टम्टा ने कहा कि वर्ष 2012 में सरकार ने इंदु कुमार पांडे कमेटी का गठन किया था। रिपोर्ट के अनुसार विभागीय पदोन्नति वाले पदों में एससीएसटी वर्ग का प्रतिनिधित्व तय किया। बीते 10 वर्ष यानी पांच सितंबर 2012 से पदोन्नति में आरक्षण में लगी रोक से प्रतिनिधित्व में भारी गिरावट आई है। पांच सितंबर 2012 को मात्र तीन माह के लिए जस्टिस इरशाद हुसैन आयोग का गठन किया गया था। 12 वर्ष बाद भी कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हो सकी है। जबकि मई 2022 में समान नागरिक संहिता के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट को दो वर्ष से पूर्व ही विधेयक बनाकर लागू कर दिया गया। नीति से प्रदेश भर का एससीएसटी शिक्षक कर्मचारी वर्ग नाराज है। बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री महेंद्र प्रकाश ने किया। इस दौरान प्रांतीय उपाध्यक्ष डीआर बराकोटी, आनंद सिंह विद्रोही, विजय बैरवाण, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष अनूप कुमार पाठक, महामंत्री एमआर मौर्य, उपाध्यक्ष मधुबाला सिंह पवार आदि मौजूद रहे।
