March 21, 2026

बागेश्वर की 1913 में बनी झूला पुल की जांच को दिल्ली से पहुंची आठ सदस्यीय टीम


बागेश्वर ।  सरयू नदी में बने झूला पुल की जांच के लिए दिल्ली से आठ सदस्यीय सेफ्टी ऑडिट की टीम बागेश्वर पहुंच गई है। टीम ने सोमवार को पुल का निरीक्षण किया। चार दिन तक टीम यहीं रहकार गहनता से पुल की जांच करेंगे। इसके बाद जांच रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पुल के खुलने पर निर्णय होगा। मालूम हो कि झूला पुल का निर्माण 1913 को हुआ है। पुल अधिक पुराना होने के कारण प्रशासन ने एक साल पहले इसकी आवाजाही पर रोक लगा दी थी, लेकिन व्यापार मंडल ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। व्यापारियों का कहना है कि पुल की जांच कराकर मरम्मत कराएं। यदि मरम्म्त संभव नहीं है तो दूसरा पुल का निर्माण कराएं, तांकि व्यापारियों को कारोबार प्रभावित न हो पाए। पुल बंद होने से उन्हें नुकसान हो रहा है। नौ जनवरी को संपूर्ण बाजार भी बंद रखा। इतना ही नहीं उत्तरायणी मेले के बहिष्कार की भी चेतावनी दी। बाद में प्रशासन ने व्यापारियों को बताया कि दिल्ली से जल्द सेफ्टी ऑडिट टीम आएगी। टीम के निरीक्षण व जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्यवाही होगी। इसके बाद व्यापारियेां ने अपना निर्णय वापस लिया। सोमवार को डॉ. राजीव गोयल, जेके गोयल चीफ साइंटिस्ट समेत आठ लोगों की टीम बागेश्वर पहुंची। टीम ने झूला पुल की जांच शुरू कर दी है। चार दिन तक जांच चलती रहेगी। टीम की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी। इधर नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष कवि जोशी ने भी टीम से वार्ता की। जोशी ने कहा कि अब पुल के जल्द खुलने व नया बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।
दिल्ली से पुल की जांच के लिए टीम पहुंच गई है। चार दिन वह यहां रहेंगे। उन्हें जिस चीज की भी जरूरत थी उन्हें उपलब्ध करा दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।   -अनुराधा पाल, जिलाधिकारी बागेश्वर(आरएनएस)।