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November 7, 2026

बंदरों के आतंक से लोग परेशान, पकड़ने के लिए जल्द चलेगा अभियान राज्य में कुल संख्या है 146423, सबसे ज्यादा अल्मोड़ा व सबसे कम नन्दादेवी में

देहरादून ( आखरीआंख समाचार )  प्रदेश में बंदरों की बढ़ती संख्या लोगों और काश्तकारों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी हैं। बंदरों के आतंक से सबसे ज्यादा परेशान वो काश्तकार हैं जिनकी आजीविका खेती पर निर्भर है। बंदरों द्वारा किये जा रहे नुकसान को देखते हुए अब वन विभाग ठोस कार्य योजना बनाने जा रहा है। मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक मोनीष मल्लिक ने बताया कि बंदरों को पकड़कर उनका बंध्याकरण किया जा रहा है। गौर हो कि प्रदेश में बंदरों की संख्या 1,46,423 बताई जा रही है। प्रदेश के सबसे ज्यादा बंदर अल्मोडा में (9477). जिनमें सबसे कम बंदर नन्दादेवी डिविजन (539) में हैं. वहीं खुद विभाग भी इस बात को स्वीकार कर रहा है कि बंदरों के आंतक से आम लोग और काश्तकार परेशान हैं। विभाग की मजबूरी यह है कि बंदरों को पकड़ने के लिए उनके पास पर्याप्त लोग नहीं हैं। बंदरों को पकड़ने के लिए दूसरे राज्यों से लोगों को बुलाया जाता है। वहीं, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक मोनीष मलिक ने बताया कि आंतकी बंदरों से निजात मिल सके इसके लिए बंदरों को पकड़कर बंध्याकरण भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को बंदर पकड़ने का प्रशिक्षण देंगे, साथ ही प्रोत्साहन राशि भी दी जायेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभाग के पास बंदरों को पकड़ने के लिए एक्सपर्ट नहीं है, दूसरे राज्यों से लोगों को बुलाना पड़ता है। साथ ही उन्होंने कहा कि इसमें तेजी लाने के लिए जल्द ही विभाग अभियान चलायेगा।

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