July 1, 2026

48 घंटों के भीतर जारी हो वोटिंग का पूरा डाटा, ‘आशंकाओं’ के बीच एससी  में याचिका


 नई दिल्ली ।  एक गैर सरकारी संगठन  ने सुप्रीम कोर्ट  में याचिका दायर कर चुनाव आयोग को यह निर्देश देने की मांग की है कि वोटिंग होने के 48 घंटों के भीतर मतदान प्रतिशत का पूरा डाटा जारी किया जाए। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स  ने मतदाता आंकड़ों के तत्काल प्रकाशन के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी है।
याचिका में मांग की गई है कि, शीर्ष न्यायालय चुनाव आयोग को यह निर्देश दिया कि वह अपनी वेबसाइट पर सभी मतदान केंद्रों के फॉर्म 17 सी  पार्ट-1 (रिकॉर्ड किए गए वोटों का हिसाब) की स्कैन की गई लेजिबल कॉपी का प्रकाशन मतदान समाप्ति के 48 घंटे के भीतर करे। इनमें डाले गए वोटों के प्रमाणित आंकड़े शामिल हों।
दरअसल एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने अपनी 2019 जनहित याचिका में एक अंतरिम आवेदन दायर किया है। इसने आवेदन में कहा, “चुनाव आयोग को 2024 के लोकसभा चुनावों में प्रत्येक चरण के मतदान के बाद फॉर्म 17सी पार्ट- I में दर्ज किए गए वोटों की संख्या के पूर्ण आंकड़ों में सारणीबद्ध मतदान केंद्र-वार डेटा और निर्वाचन क्षेत्र का सारणीबद्ध डेटा प्रदान करने का निर्देश दें।”
इसमें कहा गया कि याचिका यह सुनिश्चित करने के लिए दायर की गई कि चुनावी अनियमितताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। इसने कहा, “चुनाव आयोग ने 30 अप्रैल को 2024 के लोकसभा चुनावों का डाटा जारी किया था। इसमें पहले दो चरणों के लिए मतदान का डेटा था। यह डाटा 19 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान के 11 दिन बाद और 27 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के 4 दिन बाद प्रकाशित किया गया है।”
दायर याचिका में कहा गया है कि, पूर्ण संख्या में अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्र और मतदान केंद्र के आंकड़ों ने उक्त डेटा की शुद्धता के विषय में चिंताएं और सार्वजनिक संदेह बढ़ा दिया है। आवेदनों में कहा गया है कि 30 अप्रैल की प्रेस विज्ञप्ति में प्रकाशित डेटा, 19 अप्रैल और 26 अप्रैल के प्रारंभिक डेटा के साथ तुलना की जाती है, तो लगभग 6 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई देती है। आवेदन में कहा गया है, इसका समाधान किया जाए।

You may have missed