March 16, 2026

देवता का भव्य मंदिर तैयार, प्राण प्रतिष्ठा आज


विकासनगर ।  जौनसार के खत सिली गोथान से जुड़े बसाया के ग्रामीणों ने 13 साल की कड़ी मेहनत और परिश्रम के बाद महासू देवता और बत्तेश्वर नाग देवता के नए मंदिर का निर्माण किया है। बताया जा रहा है कि मंदिर निर्माण में करीब एक करोड़ की लागत आई है। स्थानीय लोगों ने स्वयं के संसाधनों से श्रमदान कर देवता का भव्य मंदिर बनाया है। इसकी प्राण प्रतिष्ठा आठ जुलाई को विधि विधान से की जाएगी। जनजाति क्षेत्र के कई ग्रामीण इलाकों में देवताओं के अनेक मंदिर है। स्थानीय लोगों में महासू देवता के प्रति अटूट आस्था और विश्वास है। देव आस्था के चलते सिली गोथान खत के बसाया निवासी 24 ग्रामीण परिवारों ने वर्ष 2011 में महासू देवता के नए मंदिर निर्माण का संकल्प लिया था। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने मिलकर खुद के संसाधनों से श्रमदान कर 13 साल की कड़ी मेहनत के बाद देवता का भव्य मंदिर बनाया है। वास्तु कला के हिसाब से देवदार की लकड़ी पर उकेरी गई सुंदर नक्काशी से मंदिर की भव्यता देखते ही बनती है। मंदिर निर्माण में खर्च हुई रकम को ग्रामीण परिवारों और नौकरीपेशा लोगों ने आपस में चंदा एकत्र कर जुटाया है। देवता का नया मंदिर बनने के बाद इन दिनों प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान चल रहा है। मंदिर निर्माण समिति अध्यक्ष एवं स्याणा टीकम सिंह ने बताया कि पांच जुलाई को चांदी से निर्मित देवता का नया डोरिया और छड़ी का महासू धाम हनोल में शाही स्नान कराया गया। सात जुलाई को बत्तेश्वर महाराज की देव पालकी को शाही स्नान के लिए जमुना कृष्ण धाम हरिपुर-कालसी ले जाया गया। आठ जुलाई को हनोल मंदिर और जमुना कृष्ण धाम से देवता का डोरिया, छड़ी एवं देव पालकी के नए मंदिर में पहुंचने पर प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। नए मंदिर में शिखा पूजन के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन यज्ञ और विधि विधान से प्राण प्रतिष्ठा होने पर देवता गर्भगृह में विराजमान होंगे। मंदिर निर्माण समिति में गजेंद्र सिंह भंडारी, रणवीर सिंह, पूरण सिंह वर्मा, कृपाल सिंह, गोपाल भंडारी, महावीर चौहान आदि को जिम्मेदारी दी गई।