March 19, 2026

मजदूरी कर पढ़ाई पुरी की, अब कृष्ण बने पीसीएस अधिकारी


रुड़की । कहते हैं कि अगर जुनून है तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। लोकसेवा आयोग द्वारा जारी पीसीएस के परिणाम में रिक्शा चालक पिता के बेटे ने सफलता हासिल कर यह कहावत सिद्ध की है। इतना ही नहीं इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कृष्ण कुमार ने वेटर की नौकरी और डीजे ऑपरेटर का काम भी किया। दो दिन पूर्व जारी हुए परिणाम में रुड़की के बेलडा गांव निवासी कृष्ण कुमार का चयन सीडीपीओ के पद पर हुआ है। कृष्ण कुमार ने बताया कि उनके पिता रिक्शा चालक थे और उनकी मेहनत से वह शिक्षित हो पाए। लेकिन 2011 में पिता रामपाल सिंह के निधन के बाद बड़े भाई राजू और राजकुमार दोनों मजदूरी करते हैं। उन्होंने भी काफी मदद की। उसके बाद वह भी स्वयं कभी वेटर का काम करने लगे तो कभी डीजे की ऑपरेटिंग पर चले जाते थे। इसके साथ ही अपनी तैयारी जारी रखी। 2016 के बाद से वह कोचिंग सेंटरों में पढ़ाने भी लगे। अब उन्हें यह सफलता मिली है। जिसमें वह अपने स्वर्गीय माता पिता रामपाल सिंह और शिक्षा देवी का  आशीर्वाद मानते हैं। इसके साथ ही पत्नी गांधी सहगल का भी बहुत साथ मिला।