18 गांवों को पिथौरागढ़ से हटाकर बागेश्वर में मिलाने की मांग उठाई
बागेश्वर। पिथौरागढ़ जिले के 18 ग्राम पंचायतों को बागेश्वर में शामिल करने की मांग तेज हो गई है। क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। उन्होंने कहा कि गांव बागेश्वर जिले की सीमा से लगे हुए हैं। उन्हें जरूरी काम के लिए जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ जाना पड़ रहा है। जिसमें उनका समय तथा धन बर्बाद हो रहा है। बनकोट विकास समिति के संयोजक अर्जुन सिंह बनकोटी के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने देहरादून में मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया। कहा कि पिथौरागढ़ जिले के बनकोट, पलतोड़ी, बटगेरी, सिरसोली, भरकोट मध्ये भट्टीगांव, जमतोला, रुगड़ी, टुपरौली, बासीखेत, पासदेव, वड्यूड़ा, ओलियागांव, डसीलाखेत, धारी धुमलाकोट, लाखतोली, वासीखेत, ऐराड़ी, ढनोलासेरा आदि 18 ग्राम पंचायतें बागेश्वर की सीमा में हैं। इन गांवों से पिथौरागढ़ की दूरी 140 से 180 किमी है। जबकि बागेश्वर जिला 20 से 30 किमी में है। ग्रामीणों का आवागमन भी बागेश्वर से होता है। पूर्व में ट्रेजरी भी बागेवर में थी। विवाह आदि बागेवर के निकटवर्ती गांवों से ही होते हैं। ग्रामीण अंचल के लोग बागेश्वर जिला बनाओ आंदोलन मे सक्रिय रहे हैं। वर्ष 1997 में जिला बागेश्वर का गठन होने के बाद से वह न्योचित मांग को लेकर आंदोलित हैं। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। जबकि अल्मोड़ा जिले के 14 ग्राम पंचायतों को बागेश्वर के में निकटवर्ती होने के कारण शामिल किया गया है। इस मौके पर एडवोकेट गोविंद भंडारी, कपकोट के विधायक सुरेश गढ़िया, गंगोलीहाट के विधायक फकीर राम आदि मौजूद रहे।
