May 13, 2026

केंद्र सरकार ने कपडों पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाकर गरीबों के तन का कपड़ा उतारने का काम किया- बजरंग गर्ग


हिसार । हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहाकि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में रेडीमेड कपड़े पर 18 व 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने से देश व प्रदेश में ओर ज्यादा महंगाई बढ़ेगी व पॉपकॉन पर जीएसटी लगाना उचित नहीं है और केंद्र सरकार द्वारा घड़ी व जूतों पर 18 प्रतिशत से बढ़ाकर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाना विचाराधीन है। बजरंग गर्ग ने कहा कि इसके साथ-साथ केंद्र सरकार ने पुराने वाहनों पर 12 प्रतिशत जीएसटी से बढ़ाकर 18 प्रतिशत जीएसटी करना सरासर गलत है। केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2017 को जीएसटी के तहत आम उपयोग में आने वाली वस्तुओं पर 18 व 28 प्रतिशत टैक्स पहले ही लगाकर महंगाई बढ़ाने का काम किया है। यहां तक की जब से देश अजाद हुआ है तब से अब तक कपड़े पर कभी टैक्स नहीं था। इस सरकार ने कपडों पर भी 5 प्रतिशत जीएसटी लगाकर गरीबों के तन का कपड़ा उतारने का काम किया है।
केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी की दरों में बढ़ोतरी से देश के व्यापारी व आम जनता में भारी नराजगी है जबकि देश में पहले ही जीएसटी के तहत अनाप-शनाप टैक्स केंद्र सरकार ने लगाएं हुए है। केंद्र सरकार ने कई बार घोषणा की थी कि जीएसटी की दरों में सलीकरण करके जीएसटी कम किया जाएगा। सरकार जीएसटी की दरें कम करने की बजाएं टैक्सों में बढ़ोतरी करने की योजना बनाना सरासर गलत है।

गर्ग ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन से अपील कि है कि वह व्यापारी व आम जनता के हित में जीएसटी में बढ़ोतरी करने की बजाएं टैक्सों को कम करे। सरकार को 1, 3 व 5 प्रतिशत न्यूनतम के साथ-साथ अधिकतम 15 प्रतिशत जीएसटी करना चाहिए। टैक्स कम होने से महंगाई पर अंकुश लगेगा और आम जनता को राहत मिलेगी। देश व प्रदेश में व्यापार व उद्योग बढ़ेगा। देश व प्रदेश में व्यापार व उद्योग बढऩे से लाखों बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा।