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November 8, 2026

राम रहीम को फिर मिली 40 दिन की पैरोल, 8 साल में 15वीं बार आएगा जेल से बाहर


रोहतक । साध्वी यौन शोषण और पत्रकार की हत्या के मामले में सुनारिया जेल में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर बड़ी राहत मिली है। प्रशासन ने राम रहीम की 40 दिन की पैरोल अर्जी को मंजूर कर लिया है। रोहतक की सुनारिया जेल से अब वह किसी भी वक्त बाहर निकल सकता है, जहां से वह सीधे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के लिए रवाना होगा। साल 2026 की शुरुआत में मिली यह उसकी पहली रिहाई है।
राम रहीम को यह पैरोल डेरा सच्चा सौदा के दूसरे गुरु शाह सतनाम जी के जन्म माह के उपलक्ष्य में दी गई है, जो डेरा समर्थकों के लिए एक बड़ा आयोजन होता है। पैरोल की खबर मिलते ही सिरसा स्थित डेरे में हलचल तेज हो गई है और वहां उसके स्वागत और आगामी कार्यक्रमों के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पिछले 8 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह 15वां मौका है जब राम रहीम जेल की सलाखों से बाहर आएगा। बार-बार मिल रही इस रिहाई को लेकर सियासी गलियारों में भी चर्चाएं गर्म हैं और अक्सर इस पर सवाल उठते रहे हैं।
इससे पहले भी राम रहीम को अलग-अलग मौकों पर जेल से राहत मिलती रही है। उसे पिछले साल अप्रैल में 21 दिनों की फरलो और जनवरी में 30 दिनों की पैरोल दी गई थी। पिछली बार भी उसे 40 दिनों की ही पैरोल मिली थी और इस बार भी इतनी ही अवधि मंजूर की गई है। हालांकि, हर बार की तरह इस बार भी उसकी रिहाई पर सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा आपत्तियां जताई जाने की संभावना है।
गौरतलब है कि राम रहीम अगस्त 2017 से रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। उसे दो साध्वियों के साथ बलात्कार करने के आरोप में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। उस वक्त सजा के ऐलान के बाद पंचकूला और सिरसा में भयंकर हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें करीब 40 लोगों की जान चली गई थी। इसके अलावा, साल 2019 में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने उसे पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इन गंभीर आरोपों के बावजूद बार-बार मिल रही पैरोल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।

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