115 गांवों में ठप हुई हंस फाउंडेशन की स्वास्थ्य सेवाएं
नई टिहरी । जौनपुर विकासखंड के अंतर्गत 115 गांवों में हंस फाउंडेशन की स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने से अब क्षेत्र के ग्रामीणों को अपने स्वास्थ्य की जांच करवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही हंस फाउंडेशन में कार्य कर रहे क्षेत्र के कई कर्मचारी बेरोजगारी के कगार पर भी पहुंच गये हैं। वर्ष 2022-23 में हंस फाउंडेशन ने विकासखंड जौनपुर के 115 गांव में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं गांव-गांव जाकर देने का काम शुरू किया था। जिससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा था। लेकिन अचानक स्वास्थ्य सेवाएं बंद होने से ग्रामीणों अब भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हंस फाउंडेशन के स्थानीय प्रभारी अनिल चौहान का कहना है कि संस्था द्वारा क्षेत्र के 115 गांवों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं 2022-23 से शुरू की गई थी। इस प्रोजेक्ट को वर्ष 2028 तक चलाया जाना था। किंतु बजट के अभाव में यह प्रोजेक्ट मई में ही बंद हो गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में इस संस्था में 20 लोग कार्य कर रहे थे। जिनके सामने भी रोजगार का संकट आ खड़ा हुआ है। सामाजिक कार्यकर्ता गुलाब सिंह नेगी, रमेश नौटियाल, जनक बिष्ट, विजेंद्र सजवाण, रतनमणी गौड़ ने सरकार से मांग की है कि हंस फाउंडेशन संस्था को बजट उपलब्ध कराया जाए। जिससे क्षेत्र के गांव की स्वास्थ्य सेवाएं पुनः संचालित हो सकें।
