April 20, 2026

औचक निरीक्षण में जिलाधिकारी का कड़ा रुख, लापरवाही पर तहसीलदार समेत कर्मचारियों के वेतन आहरण पर लगी रोक


बागेश्वर। जनपद प्रशासन की कार्यसंस्कृति को अनुशासित और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने गुरुवार को तहसील कांडा का औचक निरीक्षण कर कार्यालय व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण तथा कर्मचारियों की उपस्थिति का सूक्ष्म परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्तरों पर शिथिलता और अनियमितताएं सामने आने पर जिलाधिकारी ने तीव्र असंतोष व्यक्त करते हुए तहसीलदार से लेकर अनुपस्थित कर्मचारियों तक के वेतन आहरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश जारी किए तथा संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी तलब किया।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने उपस्थिति पंजिका, डिस्पैच रजिस्टर, पत्र प्राप्ति रजिस्टर सहित विभिन्न कार्यालयीय अभिलेखों का गहन अवलोकन किया। इस दौरान पाया गया कि कई कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीन दिखाई दिए और कुछ कर्मचारी अनुपस्थित भी पाए गए। इस स्थिति पर कड़ा संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने प्रशासनिक अनुशासन की अवहेलना को गंभीर मानते हुए कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
तहसील परिसर स्थित कंट्रोल रूम का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने पाया कि वहां की व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं हैं और कंट्रोल रूम का दूरभाष भी कार्यरत नहीं था। इस पर उन्होंने तत्काल व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड कर्मियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी तहसीलदार के कार्यालय में विलंब से पहुंचने पर जिलाधिकारी ने कड़ा असंतोष व्यक्त करते हुए उनके वेतन आहरण पर रोक लगाने और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आरके सेक्शन में अभिलेखों की स्थिति का निरीक्षण करते हुए आपदा मद में वितरित धनराशि से संबंधित रजिस्टरों, जीपीएफ अभिलेखों तथा सेवा पुस्तिकाओं के संधारण की भी समीक्षा की गई।
दस्तावेजों के समुचित संधारण में कमी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने बिलों और भुगतान से जुड़े अभिलेखों की विस्तृत जांच कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अलाव के लिए प्रयुक्त लकड़ी और कंबल वितरण से संबंधित बिलों का भी परीक्षण किया तथा पेशकार से केस डायरी का अवलोकन करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान तहसील परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने तहसील परिसर के समीप निर्माणाधीन न्यायालय भवन एवं आवासीय भवन की प्रगति का भी निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने स्पष्ट कहा कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन को पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है। निरीक्षण के दौरान प्रभारी तहसीलदार जगदीश गिरी सहित तहसील परिसर के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।