March 4, 2026

बागेश्वर में वनविभाग खरीदेगा 10 रुपये किलो पिरूल


बागेश्वर ।  जंगल की आग में पेट्रोल का काम करने वाला पिरुल अब लोगों के लिए रोजगार का जरिया बनेगा। वन विभाग ने इस बार अभिनव पहल की है। वह लोगों से दस रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से पिरुल खरीदेगा। इसके लिए विभाग ने पांच रेंजों में केंद्र भी खोल दिए हैं। इस पहल से जहां जंगल आग से बचेंगे वहीं लोग भी मालामाल होंगे। मालूम हो कि जिले में अधिकतर वनों में चीड़ के पेड़ हैं। इन पेड़ों की पत्तियां सूखकर गिरने से जंगल में फैल जाते हैं। गर्मी में यही पत्तियां आग को फैलाने में सहायक होते हैं। अराजक तत्व जंगलों को आग लगाने में पीछे नहीं रहते हैं। अब इस पिरुल को वन विभाग रोजगार से जोड़ रहा है। उन्होंने महिला मंगल दल, नव युवक मंगल दल, स्वयं सहायता समूह तथा आम महिलाओं के माध्मय से इस पिरुल को खरीदेगा। इसके लिए ग्लेशियर रेंज को छोड़कर पांच रेंजों में केंद्र बनाए हैं। बागेश्वर रेंज के जौलकांडे, नक्षत्र वाटिका लकड़ियाथल, छतीना पौधालय, हर्बल गार्डन कठायतबाड़ा, कनालछीना वन परिसर, झिरोली, वन रक्षक चौकी कनगाड़छीना, बैजनाथ रेंज के सिरकोट वन परिसर, कौसानी वन परिसर, म्हरपाली वन परिसर, पोखरी वन परिसर, बज्वाड़, गढ़खेत रेंज के जिंतोली, वज्यूला, गढ़खेत, जखेड़ा, कुलाउं, कपकोट रेंज जखेड़ी, कालीधार कंपाट संख्या दो, धरमघर रेंज सानीउडियार दाणोंथल, दोफाड़, खेती, कांडा, लेटला, बैड़ा दोफाड़ केंद्र बनाए गए हैं। प्रभागीय वनाधिकारी ध्रुव रौतेला ने लोगों से अपील की है कि वह पिरुल को इन केंद्रों में दस रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेच सकते हैं। इससे जंगल भी बचेंगे और लेागों की आमदनी भी बढ़ेगी। बाद एकत्रित पिरुल से चैकडेम आदि बनाए जाएंगे। जो भूस्खलन आदि रोकने में सहायक होगा।

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