March 6, 2026

गहरी खाई में गिरे युवक के लिए मसीहा बनी बागेश्वर पुलिस, 6 दिन बाद किया साहसी रेस्क्यू


उफनती नदी, घना जंगल और मूसलाधार बारिश के बीच पुलिस की बहादुरी ने बचाई जान

बागेश्वर। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में पुलिस, एसडीआरएफ और फायर टीम की संयुक्त बहादुरी एक बड़ी मिसाल बन गई है। दिनांक 20 जून 2025 की शाम को नामिक गांव के पास जंगलों में एक नेपाली युवक गहरी खाई में गिर गया था। उसे खोज निकालना और बचाना बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने साहस और सूझबूझ से नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया।

स्थानीय लोगों से मिली सूचना पर कपकोट पुलिस, एसडीआरएफ और फायर टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। भारी बारिश, अंधेरा और मोबाइल नेटवर्क न होने के बावजूद टीम ने पैदल ही तीन किलोमीटर का घना और दुर्गम जंगल पार किया। गोगिना गांव के कुछ स्थानीय लोगों की मदद से टीम रामगंगा नदी किनारे पहुंची, जहां टॉर्च की रोशनी में देखा गया कि एक व्यक्ति दूसरी ओर फंसा हुआ मदद की गुहार लगा रहा है।

नदी का बहाव इतना तेज था कि पार करना जान जोखिम में डालने जैसा था, लेकिन बहादुर टीम ने रस्सियों और चीयर हार्नेस की मदद से नदी पार की और घायल युवक जितेंद्र दास (24 वर्ष), निवासी नेपाल, को सुरक्षित बाहर निकाला। युवक छह दिन से वहां फंसा हुआ था और चलने में असमर्थ था क्योंकि उसके पैर में गंभीर चोट थी।

टीम ने घायल को खाना खिलाया और स्टेचर के सहारे तीन किलोमीटर का पहाड़ी रास्ता पार कर सड़क तक लाया, जहां से एम्बुलेंस से उसे अस्पताल पहुंचाया गया। बागेश्वर पुलिस की इस जांबाजी और इंसानियत की मिसाल की चारों ओर सराहना हो रही है।

यह रेस्क्यू सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि मानवता की जीत और उत्तराखंड पुलिस की वीरता का प्रतीक है।