भटवाड़ी गांव में एक दिवसीय दिवसीय जड़ी बूटी प्रशिक्षण आयोजित
रुद्रप्रयाग ( आखरीआंख ) भेषज विकास इकाई के सहयोग से जिला भेषज एवं सहकारी विकास संघ लिमिटेड द्वारा विकासखंड अगस्त्यमुनि की ग्राम पंचायत भटवाड़ी में एक दिवसीय जड़ी-बूटी प्रशिक्षण का आयोजन किया गया, जिसमें कृषकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधान नौरती देवी भट्ट ने कहा कि किसानों को अपनी आर्थिकी को मजबूत करने के लिए जड़ी-बूटी की खेती करनी चाहिए। कहा कि जड़ी-बूटी की खेती से किसानों की आमदनी दुगनी हो सकती है। बताया कि ग्राम पंचायत भटवाड़ी में वर्षाकाल में भेषज विकास इकाई द्वारा निःशुल्क बड़ी इलायची, रीठा, हरड़, बहेड़ा एवं लेमन ग्रास के पौधों का निःशुल्क वितरण किया गया था और मंगलवार को ग्राम पंचायत में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिससे काश्तकारों को जड़ी-बूटी की जानकारी से अवगत कराया जा सके। प्रशिक्षण में उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य वाचस्पति सेमवाल ने क्षेत्र के किसानों को ग्राम पंचायत की जलवायु के आधार पर बड़ी इलायंची तथा तेजपात के कृषिकरण के लिए प्रेरित किया। श्री सेमवाल ने कहा कि बड़ी इलायची नगदी फसल के रूप में प्रचलित है। इसी वर्ष जनपद के चार किसानों ने साठ हजार बड़ी इलायची की पौध विभिन्न जनपदों को विक्रय कर लगभग पांच लाख कमाए हैं। इससे किसानों को अच्छी आमदनी प्राप्त हुई है। बड़ी इलायची एक ऐसा पौधा है जो तीन वर्ष में लगभग तीस गुना उत्पादन देकर लाभ देता है और इसके उत्पादन में मेहनत भी अन्य फसलों के मुकाबले बहुत कम लगती है। यदि ग्रामीण इस वर्ष बड़ी इलायची का कृषिकरण करना चाहते हैं तो उन्हें निःशुल्क पौध उपलब्ध कराई जायेगी। कार्यक्रम में जड़ी बूटी शोध संस्थान के मास्टर ट्रेनर बुद्धि सिंह राणा, भेषज विकास इकाई के प्रमोद यादव, वन पंचायत सरपंच इंदु देवी भट्ट, उद्यान प्रभारी जयप्रकाश सेमवाल सहित 55 कृषकों ने प्रतिभाग किया।
