March 20, 2026

कॉर्बेट में चार देशों से भी अधिक हैं बाघ


हल्द्वानी ।    जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया गया। इस दिन कॉर्बेट के बाघों व यहां के प्रबंधन को हर किसी ने अधिक जानने की कोशिश की है। जंगल के बेहतर प्रबंधन की वजह से यहां लगातार बाघों की संख्या बढ़ रही है। यहां बांग्लादेश समेत चार देशों से अधिक बाघ हैं। यही कारण है कि यहां पर्यटकों को जंगल में एक साथ चार से पांच बाघ दिखते हैं। 1288 वर्ग किमी में फैले कॉर्बेट के जंगल में बाघों के लिए पर्याप्त भोजन है। बाघों की सुरक्षा को रोज पांच सौ कर्मी पैदल, हाथी गश्त, कैमरों और खोजी कुत्तों से की जाती है। जो बाघों के लिए सुरक्षित ठिकाना बना है। पार्क वार्डन अमित ग्वासीकोटी ने बताया कि एनटीसीए हर चार साल में बाघों की गणना करता है। वर्ष 2006 में बाघों की संख्या 150, 2010 में 184, 2014 में 215, 2018 में 235 और 2022 की गणना में 260 से अधिक संख्या पाई गई। लगातार इनकी संख्या बढ़ने से ही एक साथ चार से पांच बाघ देखने को मिल रहे हैं। जिससे पर्यटक काफी उत्साहित होते हैं। 2025 की वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू की रिपोर्ट में थाईलैंड में 189, भूटान में 151, मलेशिया में 150 और बांग्लादेश में 146 बाघों की संख्या अनुमानित मिली है। यानी चार देशों से अधिक बाघ कॉर्बेट में ही हैं। स्वच्छता अभियान चलाकर संरक्षण की अपील की रामनगर। कॉर्बेट में क्षमता से अधिक बाघ और उनके बढ़ने की खुशी के साथ प्रदेश सरकार इसे भविष्य के लिए चुनौती भी मानती है। विशेषज्ञों के अनुसार एक बाघ पांच किमी के दायरे में रहता है, पर कॉर्बेट में पर्याप्त भोजन मिलने से एक बाघ के क्षेत्रफल में दूसरे बाघ भी रहते हुए दिख जाते हैं। वहीं बाघ दिवस पर बड़े स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। वहीं मंगलवार को विभिन्न रेंजों में पौधरोपण भी किया गया। कॉर्बेट में बाघों की सुरक्षा के लिए हाईटेक तरीका अपनाया जाता है। यहां पर बाघों को भोजन भी पर्याप्त मिलता है। पार्क के उच्चकोटी के प्रबंधन से ही बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके लिए गश्तकर्मी से लेकर अधिकारियों तक की भूमिका है। विश्व बाघ दिवस पर पौधरोपण और स्वच्छता अभियान चलाया गया है। – डॉ. साकेत बडोला, निदेशक कॉर्बेट।