March 10, 2026

ये है आज उत्तराखंड का असली विकास!!!!!!!

सड़क बंद ..  डंडी के सहारे मरीज को 19 किमी पैदल गांव ले गए ग्रामीण
रुद्रप्रयाग । बुसकेदार और छेनागाड़ आपदा के बाद पूर्वी बांगर के लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। एक ओर आपदा के जख्म तो दूसरी ओर छेनागाड़-घंघासू मोटर मार्ग न खुलने से ग्रामीण को 20 किमी तक पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। गुरुवार को भैडारु तोक के एक बीमार बुर्जुग को ग्रामीण 19 किमी डंडी के सहारे उबड़-खाबड़ पत्थरीले ऊंचाई और जोखिमभरे रास्ते से गांव लाए। आपदा के 21 दिन गुजर जाने के बाद भी पूर्वी बांगर के घंघासू, खोड़, बांगर, मथ्या गांव, भैडारु, भौंर, भुनाल गांव, डांगी, उछोला आदि गांव के लोग परेशान हैं। यहां को जोड़ने वाली छेनागाड़-घंघासू मोटर मार्ग अब भी बंद पड़ा है।
यहां तक कि लोगों के पास पैदल चलने के लिए भी रास्ता नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों के सामने बाजार, अस्पताल और जरूरी जगहों पर पहुंचना काफी कठिन हो गया है। गुरुवार को भैडारु तोक के 75 वर्षीय कुंदी लाल को देहरादून अस्पताल से इलाज कराकर जब घर लाना पड़ा तो ग्रामीणों के सामने मुश्किलें आ गई। ग्रामीणों ने डंडी बनाकर उसे बड़ेथ से 19 किमी पथरीले, उबड़-खाबड़ पहाड़ी के बीच पैदल चलकर किसी तरह गांव पहुंचाया। वहीं कई बार बीमार लोगों को अस्पताल लाने के लिए ग्रामीणों के सामने बड़ी चुनौती आ रही है कि आखिर कैसे बीमार लोगों को अस्पताल तक पहुंचाया जाए। क्षेत्र पंचायत सदस्य नवीन सेमवाल ने बताया कि शासन-प्रशासन और लोनिवि की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गांव तक पहुंचने के लिए सड़क तो नहीं खोली किंतु पैदल रास्ता तक तैयार नहीं किया जा रहा है जिससे लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है।