हाल ऐ उत्तराखंड : बीमार बेटी को पीठ पर लादकर अस्पताल पहुंची मां, नहीं बचा सकी जान
रुद्रपुर । लालपुर की रजनी की शादी तीन साल पहले ट्रांजिट कैंप निवासी विनोद से हुई थी। नौ महीने पहले उसने एक बच्ची को जन्म दिया। तब से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। बीमार रजनी धीरे-धीरे अपने घर में ही पराई हो गई। जब हालात बेकाबू हुए तो ससुरालियों ने हीरा कली को फोन किया।
हीरा कली ने बेटी को बेसुध पाया। घर की ऊपरी मंजिल से उसे पीठ पर लादकर नीचे लाई और मदद की गुहार लगाई। मगर कोई आगे नहीं आया। ई-रिक्शा चालक तक ने मना कर दिया। हेल्पलाइन पर काॅल करने के लिए उसके पास मोबाइल भी नहीं था। किसी तरह वह बेटी को एक निजी अस्पताल तक ले गई। डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताई और सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी के लिए रेफर कर दिया।
रुद्रपुर से हल्द्वानी ले जाने के लिए एंबुलेंस मिली लेकिन मां की ममता नियति से जीत न सकी। शुक्रवार की सुबह बेटी ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने बताया कि उसका लीवर फेल हो गया था।
दर्द यहीं खत्म नहीं हुआ। परिजन रजनी का शव बिना पोस्टमार्टम कराए हल्द्वानी से रुद्रपुर ले आए। यहां उन्हें बताया गया कि मौत हल्द्वानी में हुई थी इसलिए पोस्टमार्टम वहीं होगा। ऐसे में परिजन ट्रांजिट कैंप से लेकर कई जगह भटकते दिखे।
शव को लेकर भिड़े दो पक्ष: महिला की मौत के बाद शव रुद्रपुर पहुंचा। पहले ससुराली लेने नहीं आए। बाद में शव को अपने साथ ले जाने की जिद पर अड़ गए। मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस की मध्यस्थता के बाद आगे की कार्रवाई की गई।
महिला की मौत सुशीला तिवारी अस्पताल में हुई। घरवाले उसके शव को बिना पोस्टमार्टम के यहां ले आए थे। उन्हें समझाया गया कि पोस्टमार्टम हल्द्वानी में होगा। परिवार की पूरी मदद की गई। -ललित मोहन पांडे, थानाध्यक्ष
