गरुड़ में गूंजे मानवाधिकार के स्वर,राज्य मानवाधिकार आयोग का हुआ गठन, समाज के वंचितों के अधिकारों की लड़ाई का लिया संकल्प
गरुड़ (बागेश्वर)। गरुड़ में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की पहल पर राज्य मानवाधिकार आयोग का गठन किया गया।
बैठक में सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों की रक्षा को लेकर कई अहम प्रस्ताव पारित हुए।
कार्यक्रम में दीवान सिंह नेगी, हरीश जोशी और नंदन सिंह अलमिया व जगदीश आर्या को राज्य महासचिव घोषित किया गया ।
केडी पांडेय भवन में आयोजित इस विशेष बैठक में समाजसेवियों, अधिवक्ताओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
बैठक का उद्देश्य राज्य स्तर पर मानवाधिकार संरक्षण की गतिविधियों को संगठित करना और वंचित वर्गों को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस रणनीति बनाना रहा।
इस अवसर पर डीएस फर्स्वाण, सुंदर बरौलिया व अनिल नेगी को राज्य संगठन मंत्री,हीरा सिंह मेहरा को कोषाध्यक्ष, तथा चंद्रेश्वर बड़सीला, अनिल पांडेय और दिनेश नेगी व दिनेश बिष्ट को राज्य सचिव नियुक्त किया गया।
बैठक में कहा गया कि आयोग समाज के दबे-कुचले, शोषित और हाशिए पर रहे लोगों की आवाज़ बनेगा,
और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
इस मौके पर एडवोकेट डी.एन. जोशी व उमेश पांडेय को कानूनी सलाहकार,
जबकि अर्जुन राणा, रोहित पांडेय को स्टेट पब्लिक कंपलेंट ऑफिसर की जिम्मेदारी सौंपी गई
इसके साथ ही अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं को राज्य सदस्य मनोनीत किया गया।
बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा केवल कानून का नहीं, बल्कि मानवता का दायित्व है।
आयोग समाज में समानता, सम्मान और न्याय की स्थापना के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाएगा।
अंत में दीवान नेगी ने सभी पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि “मानवता की सेवा ही सच्चा धर्म है, और आयोग का हर सदस्य इसी भावना से कार्य करेगा।”
कार्यक्रम का संचालन चन्द्र शेखर बड़सीला ने किया ।
