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October 12, 2026

जनजातीय क्षेत्रों के विकास पर दिया जा रहा विशेष ध्यान: सीएम


विकासनगर । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को लाखामंडल स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुंचे, जहां स्थानीय जनता और कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश में शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनजाति क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। विकास के लिए धन की कमी नहीं हो दी जाएगी। इस दौरान क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री को 16 सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा। जिस पर उन्होंने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक और निर्णायक कदम उठा रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ सरकारी नौकरियों में चयनित किया गया है। सरकार ने लैंड जिहाद, थूक जिहाद, लव जिहाद और जबरदस्ती धर्मांतरण जैसी गतिविधियों पर सख्त रोक लगा दी है। राज्य सरकार राज्य की डेमोग्राफी और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर 500 वर्षों के बाद स्थापित हुआ, उज्जैन में महाकाल कॉरिडोर का निर्माण पूरा हुआ, उसी प्रकार उत्तराखंड में भी सांस्कृतिक पुनर्जागरण के लिए व्यापक कार्य चल रहे हैं। इस क्षेत्र के प्रसिद्ध हनोल मंदिर का 120 करोड़ का विशेष मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत इस आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल का संरक्षण व विकास किया जाएगा। कहा कि सरकार जनजातीय क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है और किसी भी योजना के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने जौनसार-बावर की विशिष्ट परंपराओं, रीति-रिवाजों और लोक संस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि यह क्षेत्र अपनी अलग पहचान रखता है और राज्य की संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। कहा कि प्रदेश में चारों ओर विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और जन-उपयोगी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अनेक ऐसे निर्णय लिए हैं जिसके कारण उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। इस अवसर पर पुरोला के विधायक दुर्गेश लाल, जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष गीताराम गौड़, अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष मूरतराम शर्मा, सरदार सिंह चौहान, प्रीतम सिंह, मुकेश पंवार, बचना शर्मा आदि मौजूद रहे।

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