वीबी-जी राम जी बिल के खिलाफ इंडिया गठबंधन का मार्च : खड़गे बोले-यह सिर्फ नाम बदलने का नहीं, गरीबों के काम के अधिकार को खत्म करने की साजिश
नई दिल्ली । विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने और गरीबों के अधिकार छीनने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा आज बात सिर्फ मनरेगा के नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह काम के अधिकार को छीने जाने की बात है। सरकार उस अधिकार को छीन रही है, जो हमने दिया था।इस नए कानून में सरकार का जब मन होगा, तब वह काम देगी.. बाद में यह बोलकर काम देने से मना कर देगी कि अभी डिमांड नहीं है। यह एक बड़ा मुद्दा है और पिछड़े वर्ग, दलित वर्ग के साथ गरीबों के अधिकारों पर हमला है। हम लोगों के अधिकार के लिए हर राज्य और जिले में लड़ेंगे। ये सिर्फ महात्मा गांधी जी के नाम की बात नहीं है, बल्कि सवाल अधिकारों का भी है।यह रूत्रहृक्रश्वत्र्र का केवल नाम बदलने का मामला नहीं है, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी रोज़गार योजना की योजनाबद्ध हत्या है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने मनरेगा का नाम विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) किए जाने पर कहा, समस्या ये है कि आप महात्मा गांधी का अपमान कर रहे हैं। महात्मा गांधी और भगवान राम के बीच बेवजह का फर्क करने का प्रयास कर रहे हैं… महात्मा गांधी के आखिरी शब्द हे राम थे। महात्मा गांधी के नाम पर चल रही इतनी बढ़िया योजना जो करोड़ों पिछड़े, दबे, कुचले वर्ग के लोगों को एक सुरक्षा जाल देने का काम करती है, आप उसे खत्म करने पर क्यों तुले हुए हैं यदि आप इस विधेयक को पढ़ें जिसमें 125 दिनों की गारंटी दी जाने की बात कही गई है लेकिन उसमें कोई गारंटी बची ही नहीं है।
कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने मनरेगा का नाम विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) किए जाने पर कहा, यह बहुत ही हीन भावना के साथ लिया गया निर्णय है और महात्मा गांधी का अपमान है।
