बागेश्वर एआरटीओ व आयुष कार्यालयों में अव्यवस्था उजागर, डीएम ने दिए कार्रवाई के सख्त निर्देश
बागेश्वर। जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे के शनिवार को किए गए औचक निरीक्षण से जिले के एआरटीओ कार्यालय सहित आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक कार्यालयों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड संधारण, स्टॉक प्रबंधन एवं कार्यालयी व्यवस्थाओं में गंभीर खामियां सामने आईं, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
एआरटीओ कार्यालय के निरीक्षण में फाइलों व रिकॉर्ड रूम की स्थिति असंतोषजनक पाए जाने पर जिलाधिकारी ने सभी पत्रावलियों को क्रमबद्ध एवं सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। साथ ही पुरानी व निष्प्रयोज्य सामग्री का नियमानुसार विनिष्टीकरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगली जांच में सुधार न मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वाहन स्वामियों से सीधे संवाद कर ड्राइविंग लाइसेंस एवं फिटनेस सेवाओं को लेकर फीडबैक लिया। अधिकारियों को सुशासन के अनुरूप कार्य करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि सुविधा शुल्क की मांग अथवा भ्रष्टाचार से जुड़ी किसी भी शिकायत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्यालय परिसर के बाहर भ्रष्टाचार शिकायत निवारण का टोल-फ्री नंबर 1064 प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके पश्चात जिलाधिकारी ने आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक कार्यालयों का निरीक्षण किया। उपस्थिति पंजिका, स्टॉक रजिस्टर एवं डिस्पैच रजिस्टर की जांच के दौरान लापरवाही पाए जाने पर जिला आयुर्वेदिक अधिकारी को संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। दवाओं के स्टॉक का समुचित मिलान, कार्यालय में स्वच्छता तथा आगंतुकों के बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही आयुष मिशन एवं आयुष्मान आरोग्य केंद्रों की प्रगति की जानकारी ली गई।
निरीक्षण के दौरान जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. निष्ठा शर्मा कोहली, आरआई देवेंद्र नेगी सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
