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October 20, 2026

अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में नवजात शिशुओं के लिए सुपर स्पेशलिस्ट सेवा शुरू


अल्मोड़ा ।  सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान अल्मोड़ा में नवजात एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी मजबूती मिली है। संस्थान में पहली बार नियोनेटोलॉजी (नवजात चिकित्सा) के सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की तैनाती की गई है, जिससे गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को अब स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो सकेगा। संस्थान के प्राचार्य डॉ. चंद्र प्रकाश भैसोड़ा के प्रयासों से बाल एवं नवजात शिशु विभाग में सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है। चिकित्सा अधीक्षक एवं बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार सिंह ने बताया कि नवजात चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. सुमित जीना ने 1 जून से सह प्राध्यापक के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। वहीं डॉ. ज्योति कांडपाल पहले से विभाग में सहायक प्राध्यापक के रूप में सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभाग में छह विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम बाह्य एवं अंतः रोगी सेवाओं, नवजात एवं बाल गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू/पीआईसीयू), टीकाकरण, स्वास्थ्य शिक्षा और परामर्श जैसी सेवाएं प्रदान कर रही है। विभाग में 22 शैय्याओं वाली गहन चिकित्सा इकाई संचालित है। डॉ. सिंह ने बताया कि नए विशेषज्ञों की नियुक्ति के बाद विभाग की सेवाओं के विस्तार की योजना भी तैयार की गई है। इससे उपचार क्षमता बढ़ेगी और गंभीर नवजात शिशुओं तथा जटिल बाल रोगों के इलाज में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से अल्मोड़ा ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों के मरीजों को भी लाभ मिलेगा। विशेषज्ञ सेवाओं और गहन चिकित्सा इकाइयों के विस्तार से नवजात एवं बाल चिकित्सा देखभाल की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा शिशु एवं बाल मृत्यु दर कम करने में भी मदद मिलेगी। डॉ. अमित कुमार सिंह ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से नवजात एवं बाल रोग संबंधी समस्याओं के लिए इन विशेषज्ञ सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की।
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बेस अस्पताल में अतिरिक्त पंजीकरण काउंटर शुरू
अल्मोड़ा(आरएनएस)।  इस बीच मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा के अधीन बेस चिकित्सालय में मरीजों की सुविधा के लिए 1 जून से ओपीडी ब्लॉक-2 में अतिरिक्त पंजीकरण काउंटर भी शुरू कर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इससे मरीजों को भीड़ और अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। चिकित्सा अधीक्षक ने लोगों से ऑनलाइन पर्ची प्रणाली का भी अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है।

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