September 28, 2026

उत्तरायणी मेले को लेकर सीडीओ का दो टूक आदेश: 10 जनवरी तक हर हाल में पूरे हों काम, खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं


बागेश्वर।
जनपद की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पौराणिक पहचान उत्तरायणी मेले को इस बार भव्य, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी ने विकास भवन से गूगल मीट के माध्यम से सभी संबंधित विभागों की क्लास लेते हुए साफ संदेश दे दिया—अब लापरवाही नहीं चलेगी।
13 से 20 जनवरी तक आयोजित होने वाले उत्तरायणी मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने कहा कि समय बेहद कम है, इसलिए जिस अधिकारी को जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे 10 जनवरी तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि किसी भी विभाग द्वारा खानापूर्ति या ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को साफ निर्देश दिए गए कि नालियों की सफाई, पुलों का रंग-रोगन और झाड़ियों का कटान तुरंत पूरा हो। सीडीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि तोरण द्वार समय से तैयार होने चाहिए, इसमें कोई बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मेले की भव्यता और धार्मिक गरिमा को ध्यान में रखते हुए सिंचाई विभाग को घाटों की विशेष सफाई और दीवारों की पुताई समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए गए। वहीं पर्यटन और खेल विभाग को प्रतियोगिताओं की सूची पालिकाध्यक्ष से समन्वय बनाकर अंतिम रूप देने को कहा गया।
जल संस्थान को दो टूक आदेश मिला कि सभी आवश्यक अस्थायी पेयजल कनेक्शन 10 जनवरी तक अनिवार्य रूप से लगा दिए जाएं।
सीडीओ आरसी तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तरायणी मेला सिर्फ आयोजन नहीं, जनपद की पहचान है, इसलिए सभी विभाग एक्टिव मोड में रहकर आपसी तालमेल से काम करें और जिम्मेदारियों का संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें।
बैठक में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल ने भी मेले को दिव्य, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए।
इस समीक्षा बैठक में परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, पर्यटन अधिकारी पीके गौतम, परियोजना अधिकारी उरेडा डीएस पटवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

You may have missed