बागेश्वर के नीलेश्वर स्तिथ सामाजिक संस्थानों में जिलाधिकारी का औचक निरीक्षण, व्यवस्थागत खामियों पर सख्त रुख
बागेश्वर। जनपद में सामाजिक सरोकारों से जुड़ी संस्थाओं की जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने मंगलवार को नीलेश्वर स्थित राजकीय बालिका आश्रम पद्धति विद्यालय, वृद्धाश्रम तथा विशेष दत्तक ग्रहण केंद्र का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और मानवीय संवेदनशीलता से जुड़े पहलुओं का सूक्ष्म अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट और कठोर निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने स्टॉक रजिस्टर एवं उपस्थिति रजिस्टरों की बारीकी से जांच की तथा सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की। उन्होंने रसोईघर का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता को परखा और सख्त निर्देश दिए कि बच्चों एवं वृद्धजनों को निर्धारित मेन्यू के अनुरूप पौष्टिक और समयबद्ध भोजन उपलब्ध कराया जाए, किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
वृद्धाश्रम में मानव संसाधन की कमी सामने आने पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीर विषय मानते हुए शासन को पत्र प्रेषित कर अतिरिक्त स्टाफ की मांग करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया। साफ-सफाई की स्थिति असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित सफाई कर्मचारी को तत्काल हटाने तथा नए कर्मचारी की तैनाती के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने वृद्धजनों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि प्रत्येक पंद्रह दिन में वृद्धजनों का नियमित और समुचित स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए।
राजकीय बालिका आश्रम पद्धति विद्यालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं से आत्मीय संवाद स्थापित किया और उनकी पढ़ाई, भोजन की गुणवत्ता तथा आवासीय सुविधाओं के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने शिक्षकों को पूरे मनोयोग और जिम्मेदारी के साथ अध्यापन कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों का भविष्य शिक्षकों के हाथों में निहित होता है और छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा अपरिहार्य है।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने विशेष दत्तक ग्रहण केंद्र का भी निरीक्षण किया, जहां वर्तमान में दो नवजात शिशु निवासरत हैं। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य, देखभाल और संरक्षण की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया तथा केंद्र में कार्यरत मानव संसाधन के समर्पित प्रयासों की सराहना की।
गौरतलब है कि वर्तमान में वृद्धाश्रम में 13 वृद्धजन तथा आश्रम पद्धति विद्यालय में 18 बच्चे अध्ययनरत हैं। निरीक्षण के दौरान आश्रम पद्धति विद्यालय के अधीक्षक विजय दीक्षित सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी का यह निरीक्षण स्पष्ट संकेत है कि प्रशासन सामाजिक संस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही को लेकर अब और अधिक सख्त और संवेदनशील रुख अपनाने के मूड में है।
