March 16, 2026

बागेश्वर में बाघ का कहर: जंगल में आग बुझाने गई महिला को बनाया निवाला , आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश


बागेश्वर। जनपद के कपकोट विकासखंड अंतर्गत छाती–मनकोट क्षेत्र में बाघ के हमले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहशत और शोक में डुबो दिया है। ग्राम छाती, पोस्ट ऑफिस मनकोट, कोतवाली बागेश्वर निवासी लगभग 63 वर्षीय देवकी देवी पत्नी श्री कृष्णानंद सायं लगभग छह बजे जंगल में लगी आग बुझाने के लिए गई थीं। देर रात तक जब वह घर नहीं लौटीं, तो ग्रामीणों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए महिला पर बाघ के हमले की संभावना व्यक्त की।
सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और तत्काल ग्रामीणों के साथ राजस्व विभाग, वन विभाग तथा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा व्यापक खोजबीन अभियान शुरू किया गया। लगातार प्रयासों के बावजूद देर रात तक महिला का कोई सुराग नहीं लग पाया। इसी क्रम में उप प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा रात्रि लगभग 12 बजे सूचना दी गई कि देवकी देवी का शव माल्ता के जंगल में बरामद हुआ है, जिससे बाघ के हमले की आशंका की पुष्टि हो गई। प्रकरण में आवश्यक कानूनी एवं विभागीय अग्रिम कार्यवाही गतिमान बताई जा रही है।
इस अत्यंत संवेदनशील और भयावह घटना के बाद क्षेत्र में भय का माहौल व्याप्त हो गया है, विशेषकर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता उभरकर सामने आई है। बाल विकास परियोजना अधिकारी, बागेश्वर द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने एहतियातन बड़ा निर्णय लेते हुए ग्राम सभा मनकोट–छाती अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्र—मनकोट, छाती एवं बसंत—में 8 जनवरी 2026 से 12 जनवरी 2026 तक अवकाश घोषित कर दिया है।
जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। प्रशासन ने वन विभाग को क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने और ग्रामीणों को सतर्क करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और ग्रामीणों में वन्यजीवों से सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग तेज हो गई है।