उत्तरायणी मेला–2026 से पहले बागेश्वर पुलिस का सख्त रुख: सघन चेकिंग अभियान में दर्जनों पर कार्रवाई, शांति व्यवस्था को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’
बागेश्वर। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण उत्तरायणी मेला–2026 के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए बागेश्वर पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रही है। पुलिस अधीक्षक बागेश्वर श्री चन्द्रशेखर घोडके (आईपीएस) के स्पष्ट और सख्त निर्देशों के क्रम में जनपद भर में सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और अपराध नियंत्रण को लेकर व्यापक स्तर पर सघन चेकिंग एवं सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में दिनांक 07 जनवरी 2026 की देर रात्रि तक जनपद के समस्त थाना एवं कोतवाली क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा विशेष पैदल गश्त और वाहन चेकिंग अभियान संचालित किया गया। इस दौरान अराजक तत्वों, संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई गई, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की सक्रियता स्पष्ट रूप से सामने आई।
पुलिस अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 38 वाहन चालकों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई। वहीं धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों पर हुड़दंग कर शांति व्यवस्था भंग करने वाले 18 व्यक्तियों का उत्तराखंड पुलिस एक्ट की धारा 81 के तहत चालान किया गया। इसके अतिरिक्त जनपद में रह रहे 19 बाहरी व्यक्तियों का पुलिस सत्यापन भी किया गया, जिसके तहत पुलिस टीमों ने घर-घर जाकर जांच की और बिना सत्यापन रह रहे लोगों की पहचान सुनिश्चित की।
बागेश्वर पुलिस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उत्तरायणी मेले के दौरान किसी भी प्रकार की अराजकता, यातायात नियमों की अनदेखी अथवा बिना पुलिस सत्यापन के बाहरी व्यक्तियों को शरण देने वालों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। आमजन की सुरक्षा और जनपद में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह अभियान निरंतर और और अधिक प्रभावी रूप में जारी रहेगा।
पुलिस प्रशासन ने जनपदवासियों, व्यापारियों और मकान मालिकों से अपील की है कि वे अपने किरायेदारों, घरेलू सहायकों एवं श्रमिकों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराएं और यातायात नियमों का पूर्ण पालन करें। बागेश्वर पुलिस का मानना है कि प्रशासन और नागरिकों के संयुक्त सहयोग से ही उत्तरायणी मेला–2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और स्मरणीय बनाया जा सकता है।
