सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल एसआईआर मामले पर चुनाव आयोग से मांगा जवाब
कोलकाता/नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने आज पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के व्यापक पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) को नोटिस जारी किया। यह नोटिस तृणमूल कांग्रेस के सांसदों डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन द्वारा दायर उस याचिका की सुनवाई के दौरान जारी किया गया, जिसमें उन्होंने मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया को चुनौती दी थी।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची की खंडपीठ ने इस मामले पर सुनवाई की, जब सांसदों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल ने पुनरीक्षण प्रक्रिया के संचालन पर चिंता जताई। याचिकाकर्ताओं ने एसआईआर के दौरान मतदाताओं की पहचान और सत्यापन में गंभीर चूक और प्रक्रियात्मक खामियों का आरोप लगाया। अदालत के समक्ष बहस करते हुए कपिल सिबल ने दावा किया कि चुनाव आयोग अपने अधिकांश निर्देश व्हाट्सएप के माध्यम से जारी कर रहा है, जिसे उन्होंने संस्थागत अनियमितता बताया। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि आयोग द्वारा गलत धारणाओं और त्रुटिपूर्ण तार्किक निष्कर्षों के आधार पर बंगाल में कई मतदाताओं को गलत तरीके से चिह्नित किया गया और सुनवाई के लिए बुलाया गया। इन दलीलों के आधार पर, सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा और एक औपचारिक नोटिस जारी किया। आयोग ने जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा, लेकिन पीठ ने निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर हलफनामा प्रस्तुत किया जाए। मामले की सुनवाई अगले सप्ताह फिर से होनी है।
