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November 8, 2026

उत्तरायणी मेला: परंपरा, प्रशासनिक संवेदनशीलता और लोकउत्सव का सजीव संगम


बागेश्वर। ऐतिहासिक उत्तरायणी मेले की गरिमा को और अधिक सुदृढ़ करते हुए जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने गुरुवार को मेले का स्थलीय निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा स्थापित स्टॉलों, स्वच्छता प्रबंध, सुरक्षा व्यवस्था तथा मेलार्थियों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का सूक्ष्म अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए, ताकि मेला सुव्यवस्थित, सुरक्षित और जनहितकारी बना रहे।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने मेले में उपस्थित मेलार्थियों, स्थानीय व्यापारियों, कारीगरों एवं युवाओं से आत्मीय संवाद स्थापित किया। उन्होंने स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक हस्तशिल्प और स्वदेशी उत्पादों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तरायणी मेला केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि जनपद की सांस्कृतिक आत्मा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने का सशक्त मंच है। उन्होंने युवाओं और व्यापारियों से स्वावलंबन से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
मेले के उत्साह को और अधिक रंगीन बनाते हुए जिलाधिकारी एवं नगर पालिका अध्यक्ष ने सरयू बगड़ में आयोजित काइट फेस्टिवल का विधिवत शुभारंभ स्वयं पतंग उड़ाकर किया। रंग-बिरंगी पतंगों से सजा आकाश बच्चों और युवाओं के उल्लास का साक्षी बना, जिससे मेले का वातावरण और अधिक जीवंत, आकर्षक एवं उत्सवमय हो उठा।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन उत्तरायणी मेले को जनसहभागिता से परिपूर्ण, सुव्यवस्थित और स्थानीय उत्पादों के प्रभावी प्रचार-प्रसार का आदर्श मंच बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। निरीक्षण एवं कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, पर्यटन अधिकारी प्रदीप कुमार गौतम सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में मेलार्थी उपस्थित रहे।

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