January 29, 2026

दशक भर की प्रतीक्षा का अंत: जिला प्रशासन की पहल से पंडित बीडी पांडे परिसर को मिला विज्ञान संकाय भवन


बागेश्वर। पंडित बीडी पांडे परिसर के लिए यह एक अत्यंत सुखद और महत्वपूर्ण उपलब्धि का क्षण है कि लगभग दस वर्षों से लंबित विज्ञान संकाय भवन के हस्तांतरण का मामला आखिरकार सुलझ गया। जिला प्रशासन की सक्रिय भूमिका, सतत समन्वय और त्वरित निर्णय क्षमता के परिणामस्वरूप कार्यदायी संस्था सीएनडीएस (CNDS) ने विज्ञान संकाय भवन को विधिवत रूप से परिसर प्रशासन को सौंप दिया है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक तत्परता का प्रमाण है, बल्कि छात्रहित के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण को भी रेखांकित करती है।
उल्लेखनीय है कि विज्ञान संकाय भवन का निर्माण वर्ष 2013 में लगभग 183.35 लाख रुपये की लागत से पूर्ण कर लिया गया था, किंतु तकनीकी एवं प्रक्रियागत औपचारिकताओं के कारण इसका हस्तांतरण लंबे समय तक अटका रहा। भवन पूर्णतः तैयार होने के बावजूद उपयोग में न आ पाने से शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था और विद्यार्थी निरंतर इसे शिक्षण कार्य में शामिल किए जाने की मांग कर रहे थे।
छात्रों की शैक्षणिक आवश्यकताओं और परिसर की वास्तविक जरूरतों को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्था के साथ निरंतर संवाद और समन्वय स्थापित किया। इस पूरी प्रक्रिया में परिसर निदेशक द्वारा भी सकारात्मक सहयोग प्रदान किया गया, जिससे वर्षों से चली आ रही प्रशासनिक अड़चनें क्रमशः दूर होती चली गईं और अंततः भवन हस्तांतरण का मार्ग प्रशस्त हो सका।
अब जब विज्ञान संकाय भवन आधिकारिक रूप से परिसर को सौंप दिया गया है, तो विद्यार्थियों को अतिरिक्त कक्षाओं एवं आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। इससे न केवल कक्षाओं की कमी दूर होगी, बल्कि पठन-पाठन के लिए एक अधिक सुव्यवस्थित, अनुकूल और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण का निर्माण भी संभव हो सकेगा।
जिला प्रशासन ने इस अवसर पर यह भी स्पष्ट किया है कि परिसर से जुड़ी अन्य किसी भी समस्या या शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और छात्रहित में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रशासनिक प्रतिबद्धता और सकारात्मक प्रयासों का एक सराहनीय उदाहरण है, जो निश्चित रूप से आने वाले समय में छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को सुदृढ़ करेगा।