ईमानदारी की मिसाल बनी बागेश्वर पुलिस: उत्तरायणी मेले में खोई मुस्कान लौटाकर जीता जनविश्वास
बागेश्वर। उत्तरायणी मेला–2026 के दौरान जनसैलाब के बीच जहाँ अव्यवस्था की आशंका स्वाभाविक होती है, वहीं बागेश्वर पुलिस ने अपनी सतर्कता, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा से यह सिद्ध कर दिया कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था की संरक्षक ही नहीं, बल्कि जनविश्वास की सशक्त प्रहरी भी है। पुलिस अधीक्षक बागेश्वर श्री चन्द्रशेखर घोडके (IPS) के कुशल निर्देशन में मेला ड्यूटी में तैनात जनपद पुलिस ने “मित्रता, सेवा और सुरक्षा” के ध्येय वाक्य को व्यवहारिक धरातल पर उतारते हुए दो परिवारों की बहुमूल्य धरोहर सुरक्षित लौटाकर सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
दिनांक 18 जनवरी 2026 को उत्तरायणी मेला क्षेत्र नुमाइशखेत में भारी भीड़ के दौरान मंडलसेरा निवासी श्रीमती सुमन पत्नी श्री दीपक आर्य का पर्स कहीं गिर गया, जिसमें नकदी के साथ आधार कार्ड, पहचान पत्र, एटीएम कार्ड तथा गले में पहनने वाले सोने के दो बहुमूल्य आभूषण रखे हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही अस्थायी मेला चौकी नुमाइशखेत पर तैनात पुलिस कर्मियों ने तत्परता से खोज अभियान प्रारंभ किया और अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप पर्स को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
इसी क्रम में एक अन्य घटना में ग्राम ऐठन, थाना कपकोट निवासी श्रीमती मुन्नी देवी पत्नी श्री मनीष ने मेला क्षेत्र में अपना पर्स खोने की सूचना दी, जिसमें दो एटीएम कार्ड, पैन कार्ड एवं आधार कार्ड जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे। मेला ड्यूटी में तैनात पुलिस टीम ने गहन खोजबीन कर इस पर्स को भी सकुशल बरामद कर लिया।
आज दिनांक 19 जनवरी 2026 को पहचान की विधिवत पुष्टि के उपरांत श्रीमती सुमन को उनका पर्स सोने के आभूषणों एवं समस्त दस्तावेजों सहित सौंपा गया, जबकि दूसरे प्रकरण में बरामद पर्स श्रीमती मुन्नी देवी के देवर श्री हिमांशु सिंह को सुरक्षित रूप से सुपुर्द किया गया। अपने कीमती सामान को पुनः प्राप्त कर दोनों परिवारों ने बागेश्वर पुलिस की ईमानदारी, कार्यकुशलता और मानवीय संवेदनशीलता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
बागेश्वर पुलिस ने मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं और आगंतुकों से अपील की है कि बढ़ती भीड़ को देखते हुए अपने कीमती सामान, मोबाइल फोन और आभूषणों के प्रति विशेष सतर्कता बरतें। किसी भी प्रकार की लावारिस वस्तु अथवा सामान के गुम होने की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस सहायता केंद्र या हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना देकर सहयोग करें, ताकि आपकी सुरक्षा के साथ-साथ आपकी संपत्ति भी सुरक्षित रह सके।
