प्राथमिक विद्यालय अमसरकोट का जिलाधिकारी द्वारा औचक निरीक्षण—जर्जर सीलिंग पर सख्त नाराजगी, तत्काल मरम्मत के निर्देश
बागेश्वर। जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम में प्रतिभाग के उपरांत जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने अमसरकोट स्थित प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षण गुणवत्ता तथा विद्यालय के भौतिक संसाधनों का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण का उद्देश्य विद्यालयों में बच्चों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना रहा।
निरीक्षण के दौरान कक्षा कक्ष में जर्जर एवं क्षतिग्रस्त सीलिंग पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी आशाराम चौधरी को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालय भवन की मरम्मत हेतु तत्काल प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किया जाए, ताकि शीघ्र कार्यवाही कर बच्चों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय भवनों की जर्जर स्थिति किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि विद्यालय में संचालित किसी भी शासकीय कार्यक्रम का बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं, समस्याओं एवं अपेक्षाओं की जानकारी ली तथा प्रधानाचार्य को निर्देशित किया कि शिक्षण स्तर में निरंतर सुधार के साथ-साथ नवाचारात्मक प्रयासों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी ने समस्त विकास खंडों में स्थित सभी विद्यालयों का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि भवन सुरक्षा, शैक्षणिक गुणवत्ता एवं मूलभूत सुविधाओं का समुचित आकलन कर समयबद्ध सुधार कार्य किए जाएं, जिससे शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
इस दौरान उपजिलाधिकारी प्रियंका रानी, तहसीलदार ऋतु गोस्वामी, एआरटीओ अमित कुमार, सहायक निबंधक आशीष शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
