जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार: कौलाग और खातीगांव में प्रशासन की सशक्त उपस्थिति
गरुड़, बागेश्वर। आज कौलाग एवं खातीगांव में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरों का सफल आयोजन किया गया। इन शिविरों में कुल 760 नागरिकों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली, जो प्रशासन के प्रति बढ़ते विश्वास और कार्यक्रम की प्रासंगिकता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। शिविरों के दौरान बड़ी संख्या में पात्र लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया, जिससे आमजन में विशेष उत्साह और संतोष का वातावरण बना रहा।
आयोजित शिविरों में कुल 72 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 57 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए उनके गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान के स्पष्ट निर्देश दिए गए। यह पहल प्रशासन की तत्परता और जवाबदेही का सशक्त उदाहरण बनी।
कौलाग में आयोजित शिविर की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी गरुड़ वैभव कांडपाल द्वारा की गई, जबकि खातीगांव में यह शिविर उपजिलाधिकारी कपकोट अनिल सिंह चनियाल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। खातीगांव शिविर में राज्य महिला उद्यमिता परिषद की उपाध्यक्ष गंगा बिष्ट की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने इस पहल को सरकार की एक अत्यंत सराहनीय और दूरदर्शी सोच बताते हुए कहा कि ऐसे शिविर प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच बन रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जन-जन की सरकार कार्यक्रम के अंतर्गत नियमित योग शिविरों का संचालन किया जाना जनस्वास्थ्य की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
शिविरों के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी आमजन को प्रदान की गई। साथ ही आधार से संबंधित कार्यों एवं राजस्व विभाग के अभिलेखों से जुड़े अनेक प्रकरणों का मौके पर समाधान किया गया, जिससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिली और प्रशासनिक सेवाओं की सहज उपलब्धता सुनिश्चित हुई।
गौरतलब है कि जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार का अगला शिविर 23 जनवरी 2026 को राजकीय इंटर कॉलेज सौंग एवं इंटर कॉलेज बदियाकोट में आयोजित किया जाएगा, जहां एक बार फिर प्रशासन जनसेवा के संकल्प के साथ जनता के द्वार पर उपस्थित रहेगा।
