पंडित बद्रीदत्त पांडे परिसर में स्थापना दिवस बना उत्सव, शिक्षा-संस्कार और पर्यावरण चेतना का अद्भुत संगम
बागेश्वर। पंडित बद्रीदत्त पांडे परिसर, बागेश्वर में आज स्थापना दिवस अत्यंत हर्षोल्लास, गरिमा और उत्साह के साथ मनाया गया। 27 जनवरी 2021 को स्थापित इस शैक्षणिक परिसर की स्थापना की स्मृतियों को सहेजते हुए आयोजित यह समारोह न केवल उल्लासपूर्ण रहा, बल्कि शिक्षा, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण के मूल्यों को सशक्त रूप से रेखांकित करने वाला सिद्ध हुआ।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में किशन सिंह मलड़ा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर के प्रतिष्ठित व्यापारी नरेंद्र सिंह खेतवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। परिसर आगमन पर अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुरूप शाल ओढ़ाकर आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम का वातावरण प्रारंभ से ही गरिमामय और सौहार्दपूर्ण बन गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा पदम् पौधे के रोपण से किया गया। यह पौधारोपण मात्र औपचारिकता न होकर पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व का सशक्त संदेश था। इस अवसर पर परिसर में बेडु, शहतूत, अनार, दाड़िम, अखरोट, श्वेत विलो, मेहंदी और पदम् जैसे बहुमूल्य एवं स्थानीय प्रजातियों के पौधे रोपे गए, जिससे परिसर हरियाली और जैव विविधता की दिशा में एक और ठोस कदम आगे बढ़ा।
इसके पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को जीवंत बना दिया। मनमोहक नृत्य, सुमधुर गीत और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों के आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना से परिपूर्ण प्रदर्शन पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
अपने प्रेरक संबोधन में मुख्य अतिथि किशन सिंह मलड़ा ने परिसर की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ सांस्कृतिक मंच बच्चों के आत्मविश्वास को सुदृढ़ करते हैं और उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं। वहीं विशिष्ट अतिथि नरेंद्र सिंह खेतवाल ने शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों के महत्व पर विशेष बल देते हुए कहा कि जब ज्ञान और नैतिक मूल्य साथ चलते हैं, तभी एक सशक्त समाज का निर्माण संभव होता है।
कार्यक्रम के दौरान परिसर में पूर्व में निर्मित मंच को और अधिक विस्तृत करने तथा उसके ऊपर छत निर्माण को लेकर भी सार्थक चर्चा हुई। इस विषय पर नरेंद्र सिंह खेतवाल एवं किशन सिंह मलड़ा द्वारा परिसर निदेशक डॉ. कमल किशोर जोशी से विचार-विमर्श किया गया, जिस पर शीघ्र ही प्रस्ताव तैयार किए जाने की सहमति बनी। यह पहल भविष्य में शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ मंच प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
समारोह के समापन अवसर पर परिसर निदेशक डॉ. कमल किशोर जोशी ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और समर्पण से ही यह आयोजन सफल हो सका। कुल मिलाकर पंडित बद्रीदत्त पांडे परिसर का स्थापना दिवस शिक्षा, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायी उत्सव बनकर उभरा, जिसने उपस्थित सभी जनों के मन में एक सकारात्मक और दूरगामी संदेश अंकित किया।
