मानवता का जीवंत उदाहरण बनी बागेश्वर पुलिस: ‘ऑपरेशन स्माइल’ से बिछड़े परिवार को मिला सुखद पुनर्मिलन
बागेश्वर । जनपद में पुलिस ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं की रक्षा भी उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। “मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है” इस सूक्ति को चरितार्थ करते हुए बागेश्वर पुलिस की एक सराहनीय पहल ने न केवल एक मानसिक रूप से कमजोर महिला को सुरक्षित आश्रय दिया, बल्कि एक बिछड़े हुए परिवार के जीवन में खुशियों की रोशनी भी लौटा दी।
पुलिस अधीक्षक बागेश्वर के कुशल निर्देशन में संचालित ‘ऑपरेशन स्माइल’ के अंतर्गत दिनांक 25 जनवरी 2026 को क्षेत्र भ्रमण के दौरान कोतवाली पुलिस टीम को एक महिला अकेली अवस्था में भटकती हुई मिली। महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रही थी तथा वह अपना नाम व पता बताने में पूर्णतः असमर्थ थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित एवं संवेदनशील निर्णय लेते हुए महिला को सुरक्षा की दृष्टि से थाने लाया और रात्रि में उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित करने हेतु वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रूप से रखा।
इसके उपरांत कोतवाली पुलिस द्वारा अत्यंत धैर्य, संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण के साथ महिला से जुड़ी जानकारियाँ एकत्र की गईं। स्थानीय स्तर पर सघन पूछताछ और निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस महिला के परिजनों तक पहुँचने में सफल रही। यह कार्य केवल प्रशासनिक दक्षता का नहीं, बल्कि मानवीय करुणा और कर्तव्यनिष्ठा का भी सशक्त उदाहरण बना।
परिजनों के थाने पहुँचने पर आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण की गई और तत्पश्चात महिला को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया। अपनों को सुरक्षित एवं जीवित देखकर परिजनों की आँखों में प्रसन्नता के आँसू छलक उठे। उन्होंने इस मानवीय कार्य के लिए बागेश्वर पुलिस के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया और पुलिस की इस पहल को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
निस्संदेह, बागेश्वर पुलिस की यह पहल न केवल एक अच्छी खबर है, बल्कि समाज में यह विश्वास भी सुदृढ़ करती है कि जब प्रशासन संवेदनशीलता और सेवा-भाव से कार्य करता है, तब मानवता स्वयं अपने सर्वोच्च रूप में प्रकट होती है।
