January 29, 2026

समानता, सशक्तिकरण और संवैधानिक संकल्प का उत्सव: बागेश्वर में यूसीसी के एक वर्ष पूर्ण होने पर ऐतिहासिक आयोजन


बागेश्वर। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के सफल क्रियान्वयन के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विकास भवन सभागार, बागेश्वर में आयोजित भव्य कार्यक्रम ने उत्तराखंड के सामाजिक-संवैधानिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी बागेश्वर आकांक्षा कोंडे, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या एवं विधायक पार्वती दास द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया, जिससे पूरे आयोजन में गरिमा और उद्देश्यपूर्ण संकल्प का भाव परिलक्षित हुआ।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखंड सरकार के लाइव संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना। मुख्यमंत्री ने अपने विचारों में समान नागरिक संहिता की मूल भावना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए इसे सामाजिक समरसता, समान अधिकार और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल बताया। उन्होंने कहा कि यूसीसी न केवल कानूनी समानता की स्थापना करता है, बल्कि समाज में व्याप्त असमानताओं को दूर करने का सशक्त माध्यम भी है।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों, ग्राम प्रशासकों, अधिशासी अधिकारियों एवं अन्य संबंधित हितधारकों के साथ संवाद स्थापित किया। उन्होंने यूसीसी के अंतर्गत पंजीकरण प्रक्रिया में आ रही व्यवहारिक समस्याओं और चुनौतियों की जानकारी लेते हुए उनके त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान किए। जिलाधिकारी ने कहा कि समान नागरिक संहिता महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समानता की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कानून है, जिसने उत्तराखंड को संविधान के अनुच्छेद 44 को लागू करने वाला देश का प्रथम राज्य बनाया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जनपद बागेश्वर ने यूसीसी पंजीकरण में प्रदेश स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त कर प्रशासनिक दक्षता और जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
कार्यक्रम में यूसीसी के प्रभावी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों, ग्राम प्रधानों, रजिस्ट्रारों, सब-रजिस्ट्रारों एवं अन्य अधिकारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही यूसीसी जागरूकता से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों प्रियांशु, लक्षिका एवं अक्षत को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे युवाओं में संवैधानिक चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहन मिला।
इस अवसर पर कमला देवी, सरस्वती देवी एवं नेहा देवी को यूसीसी मैरिज सर्टिफिकेट वितरित किए गए। सम्मानित होने वालों में ग्राम प्रधान मीरा देवी, आनंद राम, देशराज कठायत, संदीप असवाल, बबीता कोरंगा, आनंद सिंह कपकोटी, धीरेन्द्र परिहार, महेंद्र सिंह, गौरव कुमार, अमित कुमार, रेणुका शाही सहित सीएससी संचालक मनोज सिंह, भागवत सिंह, मीनू तिवारी एवं रोहित बहुगुणा शामिल रहे।
कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि आजादी के बाद समान नागरिक संहिता को अपनाने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू किया गया है। राज्य में निवास करने वाले प्रत्येक नागरिक के लिए विवाह एवं लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है, जो पारदर्शिता और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विकास भवन सभागार में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के साथ-साथ विकास खंड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर भी यूसीसी को लेकर व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने सहभागिता कर अपने विचार साझा किए।
जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या ने यूसीसी कानून को अत्यंत उपयोगी और समयोचित बताते हुए कहा कि इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जनपदवासियों को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में विधायक पार्वती दास, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के, मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत सहित जनपद स्तरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल एक वर्ष की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि समानता, न्याय और सामाजिक सुधार की दिशा में उत्तराखंड की दृढ़ प्रतिबद्धता का सशक्त संदेश भी था।